दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लोरिश स्टे में लगी भीषण आग ने एक पूरे परिवार को तबाह कर दिया। इस दर्दनाक हादसे में गुरुग्राम के अग्रवाल परिवार के आठ सदस्यों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गुरुग्राम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

गुरुग्राम में अंतिम विदाई, माहौल गमगीन

एम्स में पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद पांच शव गुरुग्राम लाए गए। सेक्टर-46 स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखे गए, जहां परिजनों और पड़ोसियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसके बाद सेक्टर-32 श्मशान घाट पर सभी का अंतिम संस्कार किया गया। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना रहा।

एक ही परिवार के कई सदस्य हादसे का शिकार

इस हादसे में विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल और माता हेमलता अग्रवाल की मौत हो गई। साथ ही उनकी बेटियां जिविशा और वार्या भी इस अग्निकांड में नहीं बच सकीं। परिवार के अन्य सदस्य—मौसा जवरी लाल, मौसी कमला और मामा अशोक पंसारी की भी इस हादसे में जान चली गई।

जानकारी के अनुसार, मौसा-मौसी राजस्थान के अजमेर से और मामा किशनगंज से दिल्ली पहुंचे थे।

अस्पताल में भर्ती परिजन को देखने पहुंचे थे दिल्ली

बताया जा रहा है कि अग्रवाल परिवार दिल्ली अपने परिजन राधेश्याम अग्रवाल को देखने आया था, जो मैक्स अस्पताल में वेंटिलेटर पर भर्ती थे। इसी दौरान परिवार होटल फ्लोरिश स्टे में ठहरा हुआ था, जहां यह दर्दनाक हादसा हो गया।

पूरे इलाके में शोक की लहर

अंतिम संस्कार के दौरान सेक्टर-32 श्मशान घाट पर रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। वहीं, सेक्टर-46 स्थित घर के बाहर सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी रही। इस हादसे ने पूरे परिवार और इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।