यूपी: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के नेत्र रोग विभाग में मरीजों को बाहर से लेंस और दवाएं खरीदने के लिए बाध्य करने के आरोपों के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। जांच समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कई स्तरों पर कार्रवाई की है।
डॉक्टर सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू
मामले में नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर संजीव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद के निर्देश पर की गई है। इसके साथ ही प्रतिकुलपति और विभागाध्यक्ष अभिजीत कौर से भी इस पूरे प्रकरण पर जवाब मांगा गया है।
बाहरी कर्मचारी पर कानूनी कार्रवाई के आदेश
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एक बाहरी कर्मचारी अब्बास के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, स्टाफ नर्स चेतना के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मरीजों को बाहर से सामान मंगाने का मामला
यह पूरा मामला इस आरोप से जुड़ा है कि मरीजों को इलाज के दौरान आवश्यक लेंस और दवाएं अस्पताल से उपलब्ध कराने के बजाय बाहर से खरीदने के लिए कहा जा रहा था, जिससे पारदर्शिता और नियमों के उल्लंघन की स्थिति बनी।
जांच रिपोर्ट के बाद सख्त रुख
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कई अनियमितताओं की पुष्टि की थी। रिपोर्ट के आधार पर कुलपति ने तत्काल कार्रवाई के आदेश जारी किए और साफ किया कि मरीजों के हितों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी शिकायत पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और अस्पताल व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।