कोलकाता। ईद-उल-फितर के अवसर पर कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित नमाज के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में लोगों के वोट देने के अधिकार को छीना नहीं जाएगा और इसके खिलाफ उनकी पार्टी अंतिम दम तक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में बदलाव कर जनता के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि उनके नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस इस प्रक्रिया को बर्दाश्त नहीं करेगी।
वोटर लिस्ट पर विवाद
तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि चुनाव से पहले चल रही विशेष जांच में बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यह प्रक्रिया विशेष रूप से अल्पसंख्यक क्षेत्रों में अधिक प्रभाव डाल रही है। ममता ने कहा कि वोटर लिस्ट के नाम पर किसी भी तरह के अन्याय को झेलने की उनकी पार्टी तैयार नहीं है।
एकता और लोकतंत्र का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा, “जो लोग बंगाल को बांटने और समाज में दरार डालने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें हम सफल नहीं होने देंगे। हमारी पार्टी हर हाल में जनता के अधिकार की रक्षा करेगी।” ममता ने राज्य की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी मिलकर रहते हैं और किसी भी नफरत या विभाजन की राजनीति को जगह नहीं दी जाएगी।
अभिषेक बनर्जी का सियासी संदेश
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी ईद के मौके पर लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम को लड़ाने की किसी भी कोशिश को सफलता नहीं मिलेगी और बंगाल में भाईचारा कायम रहेगा। अभिषेक ने चेतावनी दी कि केवल धार्मिक पहचान के आधार पर खतरे की बात करना सही नहीं है, बल्कि पूरे देश को खतरा है। उन्होंने लोगों से धर्म के चश्मे हटाकर सोचने और एकता बनाए रखने की अपील की।