अमेरिका में अब्दुल अल-सैयद की जीत, पहले मुस्लिम सीनेटर बनने का रचा इतिहास

HIGHLIGHTS
- अब्दुल अल-सैयद ने मिशिगन सीनेट चुनाव में दर्ज की बड़ी जीत।
- चुनाव प्रचार के दौरान डोनल्ड ट्रंप ने किया था विरोध।
- स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी जवाबदेही रहे प्रमुख चुनावी मुद्दे।
वाशिंगटन। अमेरिका के मिशिगन में सीनेट सीट के लिए हुए चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद ने रिपब्लिकन नेता माइक रोजर्स को शिकस्त दी है। इस जीत के साथ अल-सैयद अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले मुस्लिम सीनेटर बन गए हैं। उनकी इस सफलता का भारत से भी खास संबंध है।
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के प्रचार के दौरान राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अब्दुल अल-सैयद का विरोध किया था। ट्रंप ने उन्हें 'जिहादी' तक कहा था। इसके बावजूद अल-सैयद ने मिशिगन में कड़े चुनावी मुकाबले में जीत दर्ज की।
स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी जवाबदेही को बनाया चुनावी मुद्दा
अब्दुल अल-सैयद ने अपने चुनाव अभियान में यूनिवर्सल हेल्थकेयर यानी सभी नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी जवाबदेही को प्रमुख मुद्दा बनाया था। मिशिगन अमेरिका के प्रमुख चुनावी रणक्षेत्रों में शामिल है, ऐसे में यहां के सीनेट चुनाव पर पूरे देश की नजरें टिकी थीं।
इस मुकाबले का महत्व इसलिए भी बढ़ गया था, क्योंकि डेमोक्रेटिक पार्टी सीनेट में दोबारा अपना नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रही थी।
पत्नी के परिवार से जुड़ा है भारत का कनेक्शन
अब्दुल अल-सैयद की जीत का भारत के तटीय कर्नाटक से भी पारिवारिक रिश्ता है। यह संबंध उनकी पत्नी डॉ. सारा जुकाकू के परिवार के जरिए जुड़ता है। सारा पेशे से मनोचिकित्सक हैं और उनका परिवार कर्नाटक के भटकल से ताल्लुक रखता है। भटकल, मंगलुरु से करीब 140 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
सारा, जुकाकू शमसुद्दीन की पोती हैं। शमसुद्दीन ने बीडी जत्ती के मुख्यमंत्री रहने के दौरान मैसूर रियासत में वित्त उप-मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी निभाई थी।
मिशिगन यूनिवर्सिटी में हुई थी दोनों की मुलाकात
अब्दुल अल-सैयद रोड्स स्कॉलर रह चुके हैं। उनकी मुलाकात डॉ. सारा जुकाकू से मिशिगन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों इसी विश्वविद्यालय में अध्ययन कर रहे थे।
अब्दुल अल-सैयद पहले भी सारा के दक्षिण भारतीय परिवार और वहां की संस्कृति से अपने जुड़ाव के बारे में बात कर चुके हैं। अब मिशिगन में उनकी चुनावी जीत के साथ उनका भारत से जुड़ा पारिवारिक रिश्ता भी चर्चा में है।
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