दिवाली से पहले अमूल ने दिया महंगाई का झटका, घी और मक्खन के दाम बढ़े

HIGHLIGHTS
- 500 ग्राम प्योर घी की थैली अब 345 रुपये में मिलेगी।
- 100 ग्राम मक्खन का पैकेट 66 रुपये का हो गया है।
- 500 ग्राम मक्खन के पैक पर 15 रुपये बढ़ाए गए हैं।
नई दिल्ली। दिवाली के त्योहार से पहले आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। देश के प्रमुख डेयरी ब्रांड अमूल ने घी और मक्खन की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) की ओर से विपणन किए जाने वाले इन उत्पादों की नई कीमतें लागू हो गई हैं। दाम बढ़ने से त्योहारों पर मिठाइयां और अन्य पकवान तैयार करने का खर्च भी बढ़ जाएगा।
नई कीमतों के अनुसार, अमूल के एक किलो घी के पैक के लिए अब 680 रुपये देने होंगे। पहले इसकी कीमत 630 रुपये थी। यानी इसमें 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, 500 ग्राम प्योर घी की थैली अब 325 रुपये के बजाय 345 रुपये में मिलेगी।
मक्खन की कीमतों में भी इजाफा किया गया है। अमूल के 100 ग्राम मक्खन पैकेट का दाम 63 रुपये से बढ़ाकर 66 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह 500 ग्राम मक्खन का पैकेट अब 325 रुपये में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत 310 रुपये थी।
अमूल के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर गाय का घी 740 रुपये प्रति लीटर, सागर घी 710 रुपये और भैंस का घी 720 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर सूचीबद्ध है। हालांकि, प्योर घी और कॉम्बो पैकेट जैसी कुछ वैरायटी फिलहाल ऑनलाइन उपलब्ध नहीं दिखाई दे रही हैं।
घी की बढ़ती मांग और आपूर्ति में कमी बनी परेशानी
कीमतों में बढ़ोतरी के साथ बाजार में घी की उपलब्धता को लेकर भी समस्या सामने आ रही है। वडोदरा और अहमदाबाद के दुकानदारों के मुताबिक, गणेश उत्सव के बाद से अमूल गाय के घी की सप्लाई में कमी बनी हुई है। पुणे, कोलकाता और जम्मू-कश्मीर सहित कई अन्य क्षेत्रों से भी इसी तरह की शिकायतें मिली हैं।
वडोदरा के खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि उन्हें जितने घी की जरूरत होती है, उसकी तुलना में काफी कम मात्रा में सप्लाई मिल रही है।
नकली घी के खिलाफ कार्रवाई से बढ़ी ब्रांडेड घी की मांग
गुजरात और राजस्थान में मिलावटी घी के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान पिछले छह महीनों में करीब दो लाख किलो नकली घी जब्त किया गया है। मिलावट के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं का रुझान नामी और भरोसेमंद ब्रांडों की तरफ बढ़ा है।
लोग अब अमूल जैसे ब्रांड के घी को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं, सालभर में होने वाली कुल घी की खपत का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा त्योहारों के मौसम में इस्तेमाल होता है। ऐसे में मांग बढ़ने से आपूर्ति पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
जीएसटी घटने के बाद अमूल ने कम किए थे दाम
पिछले साल सितंबर में जीएसटी दरों में कटौती के बाद डेयरी उत्पादों पर टैक्स 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया था। उस समय अमूल ने अपने 700 से ज्यादा उत्पादों की कीमतों में कमी की थी।
तब एक लीटर घी का दाम 650 रुपये से घटाकर 610 रुपये किया गया था। वहीं, 100 ग्राम मक्खन पैकेट की कीमत 62 रुपये से कम होकर 58 रुपये रह गई थी।
लेकिन अब घी और मक्खन के दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं को पहले मिली कीमतों में कटौती की राहत का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया है। इस मामले पर गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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