धमकी भरे भाषण मामले में अभिषेक बनर्जी ने दिया वॉयस सैंपल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद पहुंचे अदालत

HIGHLIGHTS
- टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कथित धमकी भरे भाषण मामले में विधाननगर एसडीजेएम अदालत पहुंचकर अपना वॉयस सैंपल दिया।
- कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद विशेषज्ञ की मौजूदगी में आवाज रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
- मामले की जांच के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए, पुलिस ने पूरे क्षेत्र में निगरानी रखी।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कथित तौर पर दिए गए धमकी भरे भाषण से जुड़े मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को विधाननगर एसडीजेएम अदालत में अपनी आवाज का नमूना (वॉयस सैंपल) दिया। कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद वह निर्धारित समय पर अदालत पहुंचे, जहां विशेषज्ञ की मौजूदगी में उनकी आवाज रिकॉर्ड की गई।
जानकारी के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी करीब डेढ़ घंटे तक अदालत परिसर में रहे। वॉयस सैंपल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह बिना कोई बयान दिए वहां से रवाना हो गए।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई पेशी
जांच एजेंसी की मांग पर अदालत ने अभिषेक बनर्जी को वॉयस सैंपल देने के लिए पेश होने का निर्देश दिया था। इससे पहले तय की गई दो तारीखों पर वह अदालत में उपस्थित नहीं हुए थे। इसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने 10 जुलाई को आदेश जारी करते हुए उन्हें 15 जुलाई को मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने के निर्देश दिए थे।
सुरक्षा के लिए तैनात रही पुलिस
अभिषेक बनर्जी की पेशी को देखते हुए विधाननगर के साल्ट लेक स्थित अदालत परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
इससे पहले हाईकोर्ट ने बनर्जी के वकील की याचिका पर पुलिस को निर्देश दिया था कि अदालत या जांच एजेंसी के सामने पेशी के दौरान टीएमसी सांसद की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और किसी भी तरह के उत्पीड़न की स्थिति न हो।
सोनारपुर दौरे के दौरान हुआ था विरोध
मामला उस समय सुर्खियों में आया था, जब 30 मई को अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में एक दिवंगत पार्टी कार्यकर्ता के घर पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था। अब जांच एजेंसी मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
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