मुजफ्फरनगर: 170 मीटर साझा मार्ग से गुजरी कांवड़ यात्रा और चेहल्लुम का जुलूस, दिखा सौहार्द

HIGHLIGHTS
- हनुमान चौक से शामली रोड तक 170 मीटर के साझा मार्ग पर प्रशासन ने किया समन्वय।
- चेहल्लुम जुलूस के दौरान कुछ देर के लिए कांवड़ यात्रा रोकी गई, फिर दोबारा शुरू कराई गई।
- पूरे आयोजन के दौरान पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर रही कड़ी नजर।
- दोनों समुदायों के सहयोग और संयम से मुजफ्फरनगर में सौहार्द और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली।
मुजफ्फरनगर। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा और चेहल्लुम के जुलूस के एक ही मार्ग से गुजरने को लेकर बनी प्रशासनिक चुनौती मंगलवार को सफल समन्वय और बेहतर व्यवस्थाओं के चलते शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गई।
मंगलवार शाम करीब सात बजे शहर के हनुमान चौक से शामली रोड तक लगभग 170 मीटर लंबे साझा मार्ग पर एक तरफ शिवभक्त अपनी कांवड़ यात्रा जारी रखे हुए थे, जबकि दूसरी तरफ चेहल्लुम का मातमी जुलूस पूरे अकीदत और अनुशासन के साथ अपने निर्धारित मार्ग से निकला।
कुछ समय के लिए रोकी गई कांवड़ यात्रा
हनुमान चौक और शामली रोड के बीच चेहल्लुम का जुलूस जब सड़क पार कर रहा था, उस दौरान एहतियात के तौर पर कांवड़ यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। जुलूस के निर्धारित हिस्से के आगे निकलते ही दूसरी लेन से कांवड़ियों की आवाजाही दोबारा शुरू करा दी गई।
इस दौरान एक ओर "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष के बीच शिवभक्त आगे बढ़ते रहे, जबकि दूसरी ओर मातमी माहौल में चेहल्लुम का जुलूस अपनी तय दिशा में आगे बढ़ता रहा।
संयम और भाईचारे का दिया परिचय
पूरे आयोजन के दौरान कहीं भी तनाव या अव्यवस्था की कोई स्थिति नहीं बनी। दोनों समुदायों के लोगों ने संयम, अनुशासन और आपसी सम्मान का परिचय दिया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इस अनोखे दृश्य के साक्षी बने, जहां एक ही मार्ग पर दो अलग-अलग धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए।
पुलिस और प्रशासन की रही सतर्क निगरानी
पूरे कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात संचालन और भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारी लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थे।
नगर मजिस्ट्रेट पंकज राठौर ने बताया कि दोनों धार्मिक आयोजनों का संचालन बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण तरीके से कराया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक विभागों के आपसी समन्वय और आमजन के सहयोग से पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सौहार्द का संदेश देता रहा आयोजन
मुजफ्फरनगर में एक ही मार्ग पर कांवड़ यात्रा और चेहल्लुम जुलूस का शांतिपूर्ण संचालन आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का उदाहरण बनकर सामने आया। प्रशासन और आम लोगों के सहयोग से दोनों धार्मिक आयोजनों के माध्यम से शहर में एकता और सद्भाव का संदेश दिया गया।























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