मोहन भागवत के Gen-Z संवाद पर अभिजीत दीपके का तंज, बोले- ‘युवाओं से युवा ही करें बात’

HIGHLIGHTS
- मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई में जेन-अल्फा और जेन-जी छात्रों से संवाद करेंगे।
- कार्यक्रम में देश के 100 से ज्यादा शहरों के 2,000 से अधिक छात्र शामिल होंगे।
- दीपके ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं के कथित पेपर लीक मामले पर भी प्रतिक्रिया दी।
छत्रपति संभाजीनगर। युवाओं से संवाद करना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन अगर इस बातचीत की अगुवाई युवा या जेन-जी के लोग करें तो यह और प्रभावी हो सकता है। यह बात कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को कही। वह मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत और छात्रों के बीच होने वाली बैठक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे।
मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई में जेन-अल्फा और जेन-जी छात्रों के साथ संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में देश के 100 से अधिक शहरों से 15 से 19 वर्ष की आयु के 2,000 से ज्यादा छात्र शामिल होंगे।
नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में सीजेपी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।
आरएसएस प्रमुख के कार्यक्रम पर बोले अभिजीत दीपके
मुंबई में होने वाले मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर पूछे गए सवाल पर अभिजीत दीपके ने कहा कि युवाओं से बातचीत होना अच्छी बात है, लेकिन अगर इसके लिए कुछ युवा चेहरों को आगे किया जाए तो यह और बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि युवाओं ने बदलाव के लिए मजबूर किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंस्टाग्राम पर रील पोस्ट करनी पड़ रही है और मोहन भागवत भी जेन-जी से बातचीत करना चाहते हैं।
सीजेपी प्रमुख ने छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देर से ही सही, अब यह समझ लिया गया है कि जेन-जी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि युवाओं से बातचीत जरूरी है क्योंकि यही देश का भविष्य हैं। दीपके ने कहा कि जेन-जी को युवाओं का प्रतिनिधित्व चाहिए।
उन्होंने कहा, "अगर युवाओं से बातचीत करने वाले चेहरे जेन-जी या युवा हों तो यह और बेहतर होगा। अगर 70-80 साल के लोग बात कर रहे हैं तो यह अच्छी बात है, लेकिन जेन-जी को इससे क्या मिलेगा? जेन-जी को युवा प्रतिनिधित्व चाहिए। अगर युवा ही युवाओं से बात करेंगे तो यह ज्यादा बेहतर होगा।"
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन पर भी बोले दीपके
अभिजीत दीपके ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि झारखंड सरकार आंदोलन कर रहे छात्रों की अनदेखी कर रही है।
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में छात्र 29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर रहे हैं।
दीपके ने कहा कि उन्होंने फोन पर झारखंड के आंदोलनरत छात्रों से बातचीत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को तंबू लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है और उनके लिए शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्रों के साथ वैसा ही व्यवहार किया जा रहा है, जैसा पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनके साथ किया गया था। उन्होंने कहा कि सीजेपी आंदोलनकारी छात्रों के साथ खड़ी है।
प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग क्या है?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मंगलवार को मांग की कि झारखंड के बाहर के हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जजों की एक स्वतंत्र समिति से पूरे मामले की जांच कराई जाए।
छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार मामले की जांच की जिम्मेदारी अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को देकर इसे दबाने की कोशिश कर रही है। इससे पहले छात्र केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से भी जांच की मांग की थी।
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