मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में हंगामा, विपक्ष ने किया वॉकआउट

HIGHLIGHTS
- संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस, टीएमसी, सपा, आप और अन्य विपक्षी दलों ने वॉकआउट किया।
- विपक्ष ने बागी सांसदों को बैठक में शामिल किए जाने और उनकी मान्यता को लेकर आपत्ति जताते हुए इसे असांविधानिक बताया।
- 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र में कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं।
संसद के मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले संसद भवन एनेक्सी में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र से पूर्व हुई इस बैठक के दौरान विपक्षी दलों के सांसदों ने विरोध दर्ज कराते हुए वॉकआउट कर दिया।
विपक्ष ने वॉकआउट की वजह बताई
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, झारखंड मुक्ति मोर्चा, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वाम दलों और शिवसेना (यूबीटी) सहित विपक्ष के सभी प्रमुख दलों ने सर्वदलीय बैठक से बाहर निकलकर विरोध जताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक गैर-मान्यता प्राप्त दल एनसीपीआई को बैठक में शामिल किया गया। महुआ मोइत्रा के अनुसार, टेबल ऑफिस द्वारा जारी सूची में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की संख्या 28 सांसद दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि कथित 20 बागी सांसदों के विलय को अभी तक लोकसभा अध्यक्ष की मंजूरी नहीं मिली है और उनकी अयोग्यता से जुड़ी याचिकाएं भी लंबित हैं।
महुआ मोइत्रा ने कहा कि 91वें संविधान संशोधन के बाद किसी अलग गुट के गठन की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इन 20 सांसदों को किस आधार पर आमंत्रित किया गया और वे बैठक में कैसे शामिल हुए, यह सवाल उठता है। उन्होंने बताया कि इसी मुद्दे पर विरोध दर्ज कराते हुए विपक्षी दल बैठक से बाहर निकल गए।
कांग्रेस ने संविधान का मुद्दा उठाया
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि कांग्रेस ने संविधान की रक्षा के लिए बैठक से वॉकआउट किया है। उनका कहना था कि अंतिम निर्णय आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना पूरी तरह असांविधानिक है।
शिवसेना (यूबीटी) और आप ने भी जताई आपत्ति
शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि बागी सांसदों को दी गई मान्यता को लेकर उन्होंने भी विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने सवाल किया कि कानून की किताबों में ऐसी मान्यता का प्रावधान कहां है। इसी कारण उन्होंने बैठक से बाहर निकलने का फैसला किया।
आम आदमी पार्टी के सांसद एनडी गुप्ता ने कहा कि उनकी पार्टी के राज्यसभा के 10 सांसदों में से 7 को अलग दिखाया गया है, जबकि इस संबंध में दायर याचिका अभी विचाराधीन है। इसके बावजूद उन्हें राज्यसभा में अलग से स्वतंत्र सीटें दे दी गई हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया।
20 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों को मानसून सत्र 2026 के लिए बुलाने की मंजूरी दी है।
उन्होंने बताया कि 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर चर्चा, बहस और निर्णय लिए जाएंगे। चार सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं।
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