'एक हफ्ते में ठेका बंद करो, नहीं तो ताला लगाएंगे', मुजफ्फरनगर में ASP की चेतावनी

HIGHLIGHTS
- मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव सम्भालेहड़ा में शराब के ठेके के विरोध को लेकर शनिवार शाम आजाद समाज पार्टी (आसपा) ने महापंचायत का आयोजन किया।
- यह बैठक करीब 6:15 बजे ग्रामीणों के समर्थन में आयोजित की गई, जिसमें ठेके को जल्द बंद कराने की मांग उठाई गई।
- ग्रामीणों के विरोध के बीच महापंचायत जानकारी के अनुसार, गांव में हाल ही में शराब का ठेका खोले जाने के बाद से ही स्थानीय लोग लगातार इसका विरोध कर रहे थे।
- इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीण आलिम चौधरी के आवास पर महापंचायत बुलाई गई, जिसमें बड़ी संख्या म…
मुजफ्फरनगर। मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव सम्भालेहड़ा में शराब के ठेके के विरोध को लेकर शनिवार शाम आजाद समाज पार्टी (आसपा) ने महापंचायत का आयोजन किया। यह बैठक करीब 6:15 बजे ग्रामीणों के समर्थन में आयोजित की गई, जिसमें ठेके को जल्द बंद कराने की मांग उठाई गई।
ग्रामीणों के विरोध के बीच महापंचायत
जानकारी के अनुसार, गांव में हाल ही में शराब का ठेका खोले जाने के बाद से ही स्थानीय लोग लगातार इसका विरोध कर रहे थे। इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीण आलिम चौधरी के आवास पर महापंचायत बुलाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

ठेका बंद न हुआ तो ताला लगाने की चेतावनी
महापंचायत में पहुंचे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र सिंह भाटी ने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ स्कूलों की व्यवस्थाओं पर असर पड़ रहा है, जबकि दूसरी ओर शराब के ठेके खोले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के करीब ठेका खोला जाना पूरी तरह गलत है।
भाटी ने साफ चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रशासन द्वारा ठेका बंद नहीं कराया गया, तो वे स्वयं मौके पर पहुंचकर ताला लगाने की कार्रवाई करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ता ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे।

प्रशासन को घेराव की चेतावनी
उन्होंने यह भी कहा कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं होती है तो जिले स्तर पर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
बड़ी संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस महापंचायत में आसपा के कई पदाधिकारी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे, जिनमें जिलाध्यक्ष दिनेश बांवरा, सुनील बालियान, आदेश कुमार, दीपक कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल थे।
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