यूपी रोडवेज के आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में 5% बढ़ोतरी, जानें किसे कितना फायदा

HIGHLIGHTS
- हर साल आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में 10% वृद्धि का प्रावधान है।
- जनवरी और जुलाई में पांच-पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है।
- 249 कंप्यूटर ऑपरेटरों को बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलेगा।
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उनके मानदेय में जुलाई से पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि यह वृद्धि कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर के मानदेय में की गई है। सरकार के इस फैसले से इन कार्मिकों को आर्थिक राहत मिलने के साथ बेहतर काम के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा।
परिवहन मंत्री ने बताया कि परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में हर साल 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रावधान है। इसके तहत जनवरी में पांच प्रतिशत और जुलाई में पांच प्रतिशत की वृद्धि की जाती है। इसी व्यवस्था के तहत जुलाई से कार्मिकों को बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा। सरकार के इस कदम को कर्मचारियों और कार्मिकों के हितों के प्रति उसकी संवेदनशीलता के तौर पर देखा गया है।
वेतन वृद्धि का ब्योरा
इस बढ़ोतरी का लाभ परिवहन निगम में कार्यरत 249 कंप्यूटर ऑपरेटरों को मिलेगा। उनका मानदेय करीब 20,655 रुपये से बढ़कर 21,420 रुपये हो जाएगा।
इसी तरह लेखाकार कम टैली ऑपरेटर के 35 कार्मिकों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है। वरिष्ठता के क्रम में उनका मानदेय लगभग 20 हजार रुपये से बढ़कर 26 हजार रुपये तक हो जाएगा।
वहीं, प्रोग्रामर पद पर कार्यरत 26 कार्मिकों का मानदेय करीब 42,000 रुपये से बढ़कर 43,313 रुपये तक हो जाएगा।
परिवहन मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारु, आधुनिक और प्रभावी बनाए रखने में आउटसोर्स कार्मिकों की भूमिका अहम है। ऐसे में उनके मानदेय में नियमित बढ़ोतरी से उन्हें आर्थिक संबल मिलने के साथ कार्य के प्रति उत्साह और प्रतिबद्धता भी बढ़ेगी।
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