बागपत: सिंचाई बंधु समिति की बैठक में नहीं पहुंचे अफसर, 15 मिनट में खत्म हुई कार्यवाही

HIGHLIGHTS
- बागपत में सिंचाई बंधु समिति की बैठक अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण महज 15 मिनट में खत्म हो गई।
- उपाध्यक्ष जसवीर सोलंकी ने अफसरों के नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई और मुख्यमंत्री से शिकायत की बात कही।
- बिजली कटौती के बीच किसानों की समस्याओं पर चर्चा नहीं हो सकी, कई मुद्दे समाधान के इंतजार में रह गए।
बागपत। सिंचाई बंधु समिति की बैठक मंगलवार को विकास भवन सभागार में महज औपचारिकता बनकर रह गई। अधिकारियों की अनुपस्थिति और बिजली की समस्या के बीच बैठक करीब 15 मिनट में ही समाप्त करनी पड़ी। बैठक में समिति के उपाध्यक्ष जसवीर सोलंकी, कुछ भाजपा नेता, किसान और सिंचाई विभाग व लघु सिंचाई विभाग के चार कर्मचारी ही मौजूद रहे।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन कोई भी अधिकारी शामिल नहीं हुआ। इसके चलते पिछली बैठक में उठाई गई समस्याओं पर भी चर्चा नहीं हो सकी और न ही उनके समाधान की दिशा में कोई कार्रवाई आगे बढ़ पाई।
अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर समिति के उपाध्यक्ष जसवीर सोलंकी ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अनिल कुमार सिंह समेत कई अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। सीडीओ ने प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों में व्यस्त होने की बात कही, जबकि अन्य अधिकारियों ने भी व्यस्तता का हवाला देकर बैठक में आने में असमर्थता जताई।
इसके बाद उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही बैठक में मौजूद नहीं रहेंगे तो किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से की जाएगी।
बैठक में उठाई गईं ग्रामीण समस्याएं
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी कई समस्याएं रखी गईं। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी पवन शर्मा ने बिजली के खंभों पर लगे खुले बॉक्स को बंद कराने की मांग की। वहीं भाजपा नेता राकेश जैन ने बड़ौत नगर के महावीर मार्ग पर नई विद्युत लाइन बिछाने की मांग उठाई।
किसान धर्मवीर ने सिरसली गांव स्थित तालाब से अतिक्रमण हटाने की मांग की, जबकि महिपाल कश्यप ने बिनौली और पोइस नंगला गांव में तालाब ओवरफ्लो होने से हो रही जलभराव की समस्या का समाधान कराने की मांग रखी।
बिजली गुल रहने से परेशान हुए लोग
बैठक के दौरान विकास भवन सभागार में बिजली भी बाधा बनी रही। लंबे समय तक बिजली नहीं आने से उपाध्यक्ष, कर्मचारी और किसान गर्मी में परेशान रहे। बाद में जनरेटर चलाया गया, लेकिन उसमें भी बार-बार तकनीकी समस्या आती रही। शिकायत के बावजूद व्यवस्था पूरी तरह ठीक नहीं हो सकी।
सीडीओ ने मांगा जवाब
सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों के कारण वह बैठक में शामिल नहीं हो सके। अन्य विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति की जानकारी उन्हें नहीं थी। उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल नहीं होने वाले अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।
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