कांवड़ यात्रा: 9 जोन-81 सेक्टर में बंटा मुजफ्फरनगर, 2500 CCTV से होगी निगरानी

HIGHLIGHTS
- कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित कराने के लिए जिले को 9 जोन और 81 सेक्टर में बांटकर पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है।
- कांवड़ मार्गों पर करीब 2500 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी, साथ ही संदिग्ध गतिविधियों और अराजक तत्वों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी।
- यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था, डीजे नियम, भारी वाहनों की आवाजाही और श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिले को नौ जोन और 81 सेक्टर में बांटकर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। कांवड़ मार्गों पर करीब 2500 सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि इस बार कांवड़ यात्रा 31 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंगनहर पटरी मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग पर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही हिस्ट्रीशीटर और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का सत्यापन भी शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीजे और कांवड़ के आकार को लेकर निर्देश जारी
प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान नियमों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बड़ी डीजे कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट निर्धारित की गई है। वहीं, ध्वनि की सीमा 75 डेसीबल से अधिक नहीं रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और आसपास के जिलों के अधिकारियों के साथ समन्वय कर डायवर्जन प्लान तैयार किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त बसों की तैयारी
कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए परिवहन निगम ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुजफ्फरनगर डिपो से फिलहाल हरिद्वार रूट पर करीब 60 बसों का संचालन हो रहा है। इसके अलावा दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए भी बस सेवाएं उपलब्ध हैं।
यात्रियों की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त बसें चलाने की योजना बनाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो।
ट्रांसपोर्टरों को दिए यातायात व्यवस्था के निर्देश
पुलिस लाइन में हुई बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक अमृत जैन ने ट्रांसपोर्टरों को कांवड़ यात्रा के दौरान लागू यातायात नियमों और डायवर्जन व्यवस्था का पालन करने के निर्देश दिए।
भारी वाहनों को निर्धारित मार्ग और तय समय के अनुसार संचालित करने तथा ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने को कहा गया। अधिकारियों ने ट्रांसपोर्टरों से यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभात कुमार सिन्हा ने बताया कि कांवड़ियों की सुविधा के लिए विस्तृत योजना तैयार की जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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