संसद चलो मार्च में बवाल, 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल; कई FIR दर्ज होंगी

HIGHLIGHTS
- दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च के दौरान हुए उपद्रव में 50 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान घायल होने की जानकारी सामने आई है।
- दिल्ली पुलिस ने पत्थरबाजी और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के मामले में कई एफआईआर दर्ज करने और वीडियो फुटेज से आरोपियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की है।
- प्रदर्शनकारी प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद बातचीत जारी रखने की बात कही गई।
राजधानी में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च के दौरान हुए उपद्रव में सुरक्षाबलों को भारी नुकसान पहुंचा है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस घटना में 50 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान घायल हुए हैं। घायलों में आईपीएस और दानिप्स कैडर के अधिकारियों समेत करीब 10 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।
उपद्रवियों के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज होंगी
दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और उपद्रव की घटना को गंभीरता से लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को हुए उपद्रव और पत्थरबाजी के मामले में कई अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की जा रही हैं।
वीडियो फुटेज से होगी प्रदर्शनकारियों की पहचान
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हिंसा में शामिल कई प्रदर्शनकारियों और उपद्रवियों को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी का वीडियो भी जारी किया है। इसके अलावा अन्य सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभिजीत दीपके ने लगाए आरोप, पुलिस ने किया खंडन
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनके साथ मौजूद गीतांजलि जे. आंग्मो ने भी पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया।
वहीं, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और पुलिस प्रवक्ता राजीव रंजन ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और गलत या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। उन्होंने दिल्ली में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की।
जंतर-मंतर पहुंचे कई नेता
प्रदर्शन के समर्थन में सपा सांसद डिंपल यादव, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद, आप नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी समेत कई नेता जंतर-मंतर पहुंचे।
अभिनेत्री शबाना आजमी सहित कई फिल्मी हस्तियों ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। इस दौरान अभिजीत दीपके समेत आइसा के छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा से की मुलाकात
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। करीब 10 मिनट चली बैठक में सीजेपी प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन केंद्रीय मंत्री को सौंपा।
सौरव दास ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद उन्होंने आशुतोष रांका के साथ केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की और मांगों से संबंधित लिखित ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री ने इस मुद्दे पर सरकार के स्तर पर बातचीत करने का आश्वासन दिया है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर बताया कि सोमवार सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार से बातचीत का प्रस्ताव आया था। उन्होंने कहा कि सुबह 10:50 बजे से बातचीत शुरू हुई और बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। मंत्री के अनुसार, पहले मौखिक चर्चा हुई और फिर करीब चार बजे लिखित ज्ञापन सौंपा गया।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया।
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