लोकभवन के बाहर धरने पर बैठे सीएम सुक्खू, नीट मामले में केंद्र सरकार को घेरा

HIGHLIGHTS
- सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू और मंत्रियों ने लोकभवन के बाहर धरना देकर नीट पेपर लीक मामले में छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया।
- सुक्खू ने केंद्र सरकार पर प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
- कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत व छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध जताया।
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उनके कैबिनेट मंत्रियों ने मंगलवार देर शाम लोकभवन के बाहर धरना दिया। कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन का उद्देश्य नई दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन और प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आवाज उठाना था। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया।
मुख्यमंत्री सुक्खू और मंत्रियों ने जमीन पर बैठकर धरना दिया। इस दौरान शिमला में इंकलाब जिंदाबाद समेत कई नारे लगाए गए। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाने का माध्यम होता है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांग थी कि पेपर लीक के कारण जिन 20 बच्चों ने आत्महत्या की, उसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए और जिम्मेदार व्यक्ति का इस्तीफा लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी छात्रों के समर्थन में धरना दिया, लेकिन उन्हें वहां से हटा दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाना तानाशाही की ओर इशारा करता है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले में अड़ियल रवैया अपनाया है। साथ ही छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी मांग की।
मुख्यमंत्री ने सोनम वांगचुक पर दर्ज मामलों को वापस लेने की भी बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारों के कार्यकाल में पेपर लीक की घटनाएं होती रही हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में भी भाजपा सरकार के दौरान पेपर लीक के मामले सामने आए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद छात्र राजनीति से आगे बढ़े हैं और छात्रों के आंदोलन को दबाने का प्रयास सही नहीं है।
धरने में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विधायक, पूर्व विधायक, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार और नगर निगम शिमला के महापौर संजय चौहान भी मौजूद रहे।
इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि वह छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं और विद्यार्थियों की समस्याओं को समझते हैं। उन्होंने नई दिल्ली में विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों के साथ बातचीत कर मामले का समाधान निकालने की अपील की।
नीट पेपर लीक आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जाएंगे : जगत सिंह नेगी
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि यदि समय मिला तो वह भी नीट पेपर लीक मामले को लेकर नई दिल्ली में चल रहे आंदोलन में शामिल होने जाएंगे। उन्होंने युवाओं पर हुए लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस कार्रवाई में कई युवा घायल हुए।
नेगी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि बंद सड़कों को बहाल करने का काम तेजी से किया जा रहा है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह देश के युवाओं के साथ खड़े हैं और मौका मिलने पर उनके समर्थन में दिल्ली भी जाएंगे।
केंद्र सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही : कुलदीप सिंह राठौर
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और ठियोग विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से देशभर में छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और युवा न्याय एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं।
राठौर ने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार उन पर लाठीचार्ज करवा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र नहीं बल्कि तानाशाही की निशानी बताया।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी छात्रों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन्हें हिरासत में लेकर केंद्र सरकार ने लोकतंत्र विरोधी मानसिकता दिखाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के सवालों से बच रही है और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है।
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