'छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही कांग्रेस...', धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर बोला हमला

HIGHLIGHTS
- दिल्ली में छात्र आंदोलन, CJP के प्रदर्शन और कांग्रेस के विरोध के बीच बयान से सियासत तेज हुई।
- NEET पेपर लीक आंदोलन को लेकर विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
नई दिल्ली। दिल्ली समेत देश के कई शहरों में छात्रों और युवाओं का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह छात्रों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं और छात्रों के लिए केवल उनके गुस्से पर प्रतिक्रिया देने के बजाय उससे कहीं अधिक काम करने की आवश्यकता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), कांग्रेस और अन्य दलों के नेता तथा प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया गया।
आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई?
मई में सामने आए नीट पेपर लीक मामले के बाद छात्रों और युवाओं में बढ़ा असंतोष अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। सोशल मीडिया पर शुरू हुई इस मुहिम के तहत कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अभिजीत दीपके के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। आंदोलन को उस समय और अधिक चर्चा मिली, जब लद्दाख के शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इसका समर्थन किया। सोनम वांगचुक पिछले 24 दिनों से अनशन पर हैं। दिल्ली पुलिस ने उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था, जिसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्हें मेदांता अस्पताल भेजा गया।
दिल्ली में पूरे दिन क्या हुआ?
संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने के बाद सोनम वांगचुक और CJP के आह्वान पर बड़ी संख्या में छात्र और युवा संसद की ओर मार्च के लिए सड़कों पर उतरे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कई प्रतिबंध लागू किए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी, पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल के जवान घायल हुए।
इसके अगले दिन मंगलवार को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता वहां पहुंचे। समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी आंदोलन का समर्थन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
आंदोलन पर क्यों तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी?
छात्र आंदोलन और CJP के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के हस्तक्षेप से CJP का आंदोलन कमजोर हुआ है। वहीं, आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी और अनुराग ढांढा के बयानों के बीच CJP ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीब 15 साल पुराने बयान का उल्लेख किया। पार्टी ने अन्ना हजारे के वर्ष 2011 के आंदोलन के दौरान दिए गए प्रधानमंत्री मोदी के पुराने बयान का हवाला देते हुए सरकार के मौजूदा रुख पर सवाल उठाए।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.
























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.