वैश्विक तनाव के बीच कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव, चांदी में जोरदार तेजी

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के मजबूत संकेतों के बीच मंगलवार को कमोडिटी बाजार में मिश्रित रुख देखने को मिला। जहां चांदी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया, वहीं सोना दबाव में आ गया। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते निवेशक अब डॉलर और बॉन्ड यील्ड जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
चांदी में बड़ी छलांग, सोना कमजोर
दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत मंगलवार को 1,500 रुपये बढ़कर 2.51 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, जबकि पिछले सत्र में यह 2,49,500 रुपये पर बंद हुई थी। दूसरी ओर, 99.9% शुद्धता वाला सोना 300 रुपये की गिरावट के साथ 1,52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया (कर सहित)।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रुझान मिला-जुला रहा। हाजिर चांदी 1.08% की बढ़त के साथ 73.51 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची, जबकि सोना मामूली तेजी के साथ 4,549.57 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक दबाव का असर
विशेषज्ञों के अनुसार सोने की कीमतों पर दबाव का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक स्थिति और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ती अस्थिरता और मिसाइल हमलों की खबरों ने ऊर्जा आधारित महंगाई की आशंकाओं को बढ़ा दिया है।
इसके चलते केंद्रीय बैंकों द्वारा सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने की संभावना मजबूत हुई है। इसी कारण निवेशकों ने सुरक्षित विकल्प के रूप में डॉलर और ट्रेजरी बॉन्ड को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है।
बाजार का आगे का रुख
- कच्चा तेल: विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी सैन्य सुरक्षा की उम्मीदों से कच्चे तेल में थोड़ी नरमी आई है, लेकिन यह स्थायी नहीं मानी जा रही।
- सोना: बढ़ती ब्याज दरों की आशंका के चलते सोने में तेज उछाल सीमित रह सकता है।
- भूराजनीतिक स्थिति: मध्य पूर्व में संघर्ष और तनाव के कारण शांति वार्ता की संभावनाएं कमजोर होती दिख रही हैं।
वैश्विक संकेतों पर टिकी नजर
कुल मिलाकर, मौजूदा हालात में पश्चिम एशिया का तनाव वैश्विक बाजारों की दिशा तय कर रहा है। डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण सोने की तुलना में निवेशकों का रुझान फिलहाल डॉलर की ओर अधिक है। आने वाले दिनों में कच्चे तेल और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की चाल को प्रभावित करते रहेंगे।
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