थोक महंगाई बढ़ने पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, जयराम रमेश बोले- आर्थिक हालात पर पीएम मोदी दें जवाब

HIGHLIGHTS
- जून में थोक महंगाई दर 9.87% पहुंचने पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए।
- जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर कदम नहीं उठा रही है।
- सरकारी आंकड़ों के अनुसार खाद्य महंगाई 5.49% रही, जबकि ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई 27.41% दर्ज की गई।
नई दिल्ली। जून महीने में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर बढ़कर 9.87 प्रतिशत पहुंचने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के चलते देश में आर्थिक दबाव बढ़ रहा है और आम जनता महंगाई की मार झेल रही है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर जवाब देने की मांग की है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उनकी पार्टी पिछले कई महीनों से आर्थिक चुनौतियों को लेकर सरकार को चेतावनी देती रही है, लेकिन सरकार ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए। उन्होंने दावा किया कि जून में थोक महंगाई 44 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
महंगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर आरोप
जयराम रमेश ने कहा कि ईंधन और बिजली की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई और बेरोजगारी के कारण आम लोग परेशान हैं, वहीं किसान कम बारिश और सरकारी नीतियों की वजह से मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों का असर उद्योगों पर भी पड़ रहा है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ रही है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आर्थिक संकेतकों में चिंता बढ़ाने वाली स्थिति के बावजूद सरकार वास्तविक समस्याओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।
जून में WPI महंगाई 9.87 प्रतिशत पर पहुंची
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जून में थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर 9.87 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि मई में यह 9.68 प्रतिशत थी। महंगाई में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाद्य और गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई है।
आंकड़ों के अनुसार, जून में खाद्य महंगाई दर बढ़कर 5.49 प्रतिशत हो गई, जो मई में 3.60 प्रतिशत थी। वहीं गैर-खाद्य वस्तुओं की महंगाई 11.07 प्रतिशत और खनिज क्षेत्र की महंगाई 9.45 प्रतिशत रही।
ईंधन और बिजली क्षेत्र में राहत के संकेत
ईंधन और बिजली क्षेत्र की महंगाई दर जून में 27.41 प्रतिशत रही, जो मई के 30.33 प्रतिशत से कम है। वहीं विनिर्मित उत्पादों की महंगाई दर 7.48 प्रतिशत पर बनी रही।
कांग्रेस ने इन आंकड़ों के आधार पर सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं, जबकि महंगाई के नए आंकड़े देश की आर्थिक स्थिति को लेकर चर्चा का विषय बन गए हैं।
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