उदयनिधि स्टालिन का कांग्रेस पर तीखा वार, बोले- पीठ में छुरा घोंपा

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में द्रमुक (DMK) और कांग्रेस के रिश्तों में बढ़ती तल्खी अब खुलकर सामने आने लगी है। द्रमुक युवा इकाई के प्रमुख उदयनिधि स्टालिन ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से भविष्य में कांग्रेस पर भरोसा न करने की अपील की।
शनिवार को आयोजित द्रमुक युवा इकाई की बैठक में उदयनिधि ने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक द्रमुक के सहयोग का फायदा उठाया, लेकिन बाद में उसी पार्टी ने राजनीतिक तौर पर भरोसा तोड़ा। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम को पार्टी कार्यकर्ता कभी नहीं भूलेंगे।
भाजपा की सफलता के लिए कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार
उदयनिधि स्टालिन ने भाजपा की लगातार चुनावी सफलताओं के लिए भी कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भाजपा की जीत के मुख्य कारण हैं, लेकिन अब उनका मानना है कि कांग्रेस की कमजोर राजनीति ने भाजपा को मजबूत किया है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक स्थिति खो चुकी है और कई सीटों पर उसे द्रमुक कार्यकर्ताओं की मेहनत का फायदा मिला।
“द्रमुक कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस को जिताया”
उदयनिधि ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में द्रमुक ने गठबंधन धर्म निभाते हुए कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए पूरी ताकत से प्रचार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस ने सहयोग और राजनीतिक शिष्टाचार दोनों को नजरअंदाज किया।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पार्टी स्तर पर जवाब नहीं दिया गया, तो तमिलनाडु की जनता भविष्य में इसका जवाब जरूर देगी।
डिजिटल प्रचार और राजनीतिक संवाद पर जोर
बैठक में उदयनिधि ने युवा कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक संवाद केवल सार्वजनिक मंचों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि परिवार और युवाओं के बीच भी होना जरूरी है।
उन्होंने कथित फर्जी ऑनलाइन प्रचार और “नैरेटिव” का मुकाबला तथ्यों और प्रभावी डिजिटल अभियान से करने पर जोर दिया।
एम.के. स्टालिन ने युवाओं को दिया संदेश
द्रमुक प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी युवा इकाई के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्हें पार्टी का भविष्य बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी रणनीतियों और जनसंपर्क को और मजबूत करने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर साझा संदेश में उन्होंने कार्यकर्ताओं से रचनात्मक राजनीतिक विमर्श को बढ़ावा देने और “नया इतिहास लिखने” का आह्वान किया।
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना
बैठक में पारित प्रस्तावों में तमिलनाडु की कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई। प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि हाल के दिनों में हत्या, लूट और यौन अपराध जैसी घटनाओं में वृद्धि हुई है और राज्य सरकार इन चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटने में विफल रही है।
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