शेख हसीना की बांग्लादेश वापसी पर ढाका सख्त, बोला- न्याय प्रक्रिया का करना होगा सामना

HIGHLIGHTS
- शेख हसीना की संभावित बांग्लादेश वापसी पर ढाका ने कहा कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
- बांग्लादेश ने 2024 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में सुनवाई की बात कही है।
- भारत ने कहा कि प्रत्यर्पण जैसे मामलों पर फैसला कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगा।
ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी को लेकर वहां की अंतरिम सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। ढाका ने कहा है कि यदि हसीना देश लौटती हैं तो उन्हें 2024 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
78 वर्षीय शेख हसीना अगस्त 2024 में सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों के बाद सत्ता से हटने के बाद भारत में रह रही हैं। हाल ही में उनके करीबी सूत्रों ने दावा किया था कि वह अपनी पार्टी अवामी लीग को दोबारा सक्रिय करने के उद्देश्य से इस साल के अंत तक अपनी इच्छा से बांग्लादेश लौटने की तैयारी कर रही हैं।
ढाका ने वापसी के बयान का किया स्वागत
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के सलाहकार जाहेद उर रहमान ने हसीना की संभावित वापसी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार उनके लौटने के फैसले का स्वागत करेगी, क्योंकि इससे न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
उन्होंने कहा कि शेख हसीना को 2024 में छात्र आंदोलनों के दौरान हुई कार्रवाई से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराध के आरोपों का सामना करना होगा। रहमान ने दावा किया कि जनता चाहती है कि इस मामले में अदालत का फैसला लागू किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (बांग्लादेश) की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से संचालित की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों को अनुमति दी जा सकती है और कार्यवाही की रिकॉर्डिंग व प्रसारण की व्यवस्था भी संभव है।
वापसी में कानूनी प्रक्रिया नहीं बनेगी बाधा
जाहेद उर रहमान ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे शेख हसीना की वापसी में रुकावट नहीं बनेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि इस संबंध में भारत और बांग्लादेश के बीच आवश्यक बातचीत के बाद आगे की व्यवस्था की जा सकती है।
उन्होंने पुराने मामलों का हवाला देते हुए कहा कि इससे पहले भी इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल के फैसलों को लेकर कानूनी समीक्षा और बदलाव की स्थिति सामने आ चुकी है।
भारत ने रखा अपना रुख
वहीं, भारत ने शेख हसीना की वापसी से जुड़े सवाल पर सावधानीपूर्वक प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मामले पर भारत की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण से जुड़े सभी मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत देखे जाते हैं और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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