डीएमके नेता स्टालिन का विजय पर अप्रत्यक्ष हमला, कहा- बिना विचारधारा वाली पार्टियां ‘गत्ते के बक्से’ जैसी

तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने रविवार को एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान नई राजनीतिक पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि “बिना विचारधारा वाली पार्टियां गत्ते के बक्से जैसी होती हैं, जो हल्की सी हवा में उड़ जाती हैं।” उनका यह बयान अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिऴगगा वेत्रि कझगम (टीवीके) पर अप्रत्यक्ष कटाक्ष माना जा रहा है, जिसने हाल ही में गठन के बाद आगामी विधानसभा चुनाव में उतरने की घोषणा की है।
उदयनिधि ने कहा, “आज कई नई पार्टियां डीएमके की विचारधारा को कमजोर करने के लिए सामने आ रही हैं, लेकिन हमारी पार्टी का मूल आधार विचारधारा ही है। अगर नींव मजबूत होगी, तभी इमारत स्थायी रह सकती है।” उन्होंने कहा कि “कुछ लोग राजनीति में बिना किसी स्पष्ट सोच के सिर्फ लोकप्रियता के दम पर आते हैं। ऐसे दल थोड़े समय के आकर्षण मात्र होते हैं, जिनकी कोई स्थायी पहचान नहीं बन पाती।”
अपनी बात को स्पष्ट करते हुए उदयनिधि ने कहा, “लोगों ने ताजमहल और एफिल टावर की नकली प्रतिकृतियां बनाईं, जिन्हें देखने भीड़ उमड़ी, लेकिन बाद में पता चला कि वे सिर्फ गत्ते के बक्से हैं। उसी तरह बिना विचारधारा वाली पार्टियां भी अस्थायी होती हैं।”
उन्होंने एआईएडीएमके पर भी निशाना साधते हुए कहा, “हमारी पार्टी त्याग और संघर्ष की नींव पर खड़ी है। डीएमके विचारधारा से चलती है, जबकि एआईएडीएमके भय से संचालित होती है। हम अपनी पहचान बदलने की ज़रूरत महसूस नहीं करते, क्योंकि हमें अपनी जड़ों पर गर्व है।”
यह पहली बार नहीं है जब उदयनिधि ने विजय पर तंज कसा हो। कुछ दिन पहले भी उन्होंने विजय को “शनिवार राजनेता” कहकर चुटकी ली थी। विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे टीवीके तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय हो रही है, डीएमके और टीवीके के बीच राजनीतिक टकराव और तेज़ हो सकता है।
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