मुंगेर में चेतावनी स्तर से 25 सेंटीमीटर ऊपर गंगा, नए इलाकों में पहुंचा बाढ़ का पानी

HIGHLIGHTS
- कई स्थानों पर ग्रामीण नाव के जरिए आवागमन कर रहे हैं।
- हरि बाबू टोला में संवेदनशील स्थानों पर कटावरोधी कार्य शुरू हुआ।
- बिचली पुल के पास बना डायवर्सन बाढ़ के पानी में डूब गया।
गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बदलाव के बीच जिले के दियारा और निचले क्षेत्रों में बाढ़ का पानी नए इलाकों की ओर फैल रहा है। जलस्तर कम होने के बावजूद कई गांवों तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। संपर्क मार्गों के पानी में डूबने से आवागमन प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर लोगों को नाव के जरिए आवाजाही करनी पड़ रही है। वहीं, सदर प्रखंड की कुतलुपुर पंचायत में गंगा के लगातार कटाव के कारण ग्रामीणों में भय बना हुआ है।
कुतलुपुर में कटावरोधी कार्य शुरू
कुतलुपुर पंचायत के वार्ड संख्या तीन के हरि बाबू टोला में गंगा के कटाव को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर के निर्देश पर संवेदनशील स्थानों पर कटाव रोकने का काम शुरू कराया गया है। प्रशासनिक टीम प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी कर रही है।
बिचली पुल के पास डायवर्सन पानी में डूबा
बरियारपुर प्रखंड के दियारा क्षेत्र में बिचली पुल के नजदीक बनाया गया डायवर्सन बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके चलते लोगों की आवाजाही बाधित हो गई है। ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से निःशुल्क सरकारी नाव उपलब्ध कराई गई है।
सीताचरण गांव में भी बढ़ी दिक्कत
गंगा पार जाफरनगर पंचायत के सीताचरण गांव में भी बाढ़ का पानी फैलने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। लोगों के आवागमन के लिए प्रशासन ने दो बड़ी सरकारी नावों की व्यवस्था की है। ग्रामीण इन नावों का निःशुल्क इस्तेमाल कर रहे हैं।
जरूरत वाले क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जा रही नाव
जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने बताया कि गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण कई इलाकों में पानी फैल गया है। कुछ पंचायतों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। जरूरत वाले सभी क्षेत्रों में नाव की व्यवस्था की जा रही है। कुतलुपुर पंचायत के वार्ड संख्या तीन में कटाव को देखते हुए कटावरोधी कार्य भी शुरू कराया गया है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से आवश्यक तैयारियां कर रखी हैं। प्रभावित गांवों में पदाधिकारियों को भेजकर लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जा रहा है।
फसलें डूबने से किसानों को नुकसान
ग्रामीणों के अनुसार, गंगा का पानी गांवों तक पहुंचने के कारण खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। प्रशासन की ओर से दो सरकारी नाव उपलब्ध कराए जाने से ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिली है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.