चलती बस में दुष्कर्म: पीड़िता बोली- गाड़ी में चढ़ते ही कंडक्टर बन गया था हैवान

HIGHLIGHTS
- पीड़िता चार अगस्त की रात खुद कश्मीरी गेट थाने पहुंची थी।
- पुलिस ने शिकायत के बाद तत्काल मेडिकल कराया और केस दर्ज किया।
- कुछ ही घंटों में बस की पहचान कर वजीराबाद से जब्त कर ली गई।
ग्रेटर नोएडा के परी चौक से नोएडा सेक्टर-63 जाने के लिए स्लीपर बस में बैठी 17 वर्षीय 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ चालक और कंडक्टर द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता के बयान के आधार पर दिल्ली पुलिस का कहना है कि घटना नोएडा में हुई। वारदात के बाद आरोपी छात्रा को दिल्ली के कश्मीरी गेट थाना क्षेत्र में रिंग रोड के किनारे उतारकर फरार हो गए। पीड़िता के थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने नए आपराधिक कानूनों के तहत सीमा विवाद में उलझे बिना मामला दर्ज कर जांच शुरू की। दोनों आरोपी कानपुर देहात के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पीड़िता खुद थाने पहुंची
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट के अनुसार, चार अगस्त की रात करीब 17 साल की लड़की कश्मीरी गेट थाने पहुंची। उसने पुलिस को बताया कि परी चौक से सेक्टर-63 जाते समय स्लीपर बस में चालक और कंडक्टर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने तत्काल उसका मेडिकल कराया और उसके बयान के आधार पर केस दर्ज किया।
इसके बाद पुलिस ने रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच शुरू की। कुछ ही घंटे में बस की पहचान कर उसे वजीराबाद की पार्किंग से जब्त कर लिया गया। चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर से गिरफ्तार किया गया।
कंडक्टर पर अश्लील हरकत शुरू करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता मूल रूप से मैनपुरी की रहने वाली है। वह मां की डांट से नाराज होकर बिना बताए नोएडा सेक्टर-63 जाने के लिए घर से निकली थी। भारी बारिश और अंधेरा होने के कारण वह परी चौक पर उतर गई। इसी दौरान उसने वहां से गुजर रही एक खाली बस को रोककर सेक्टर-63 जाने के बारे में पूछा। कंडक्टर ने वहां जाने की बात कही, जिसके बाद वह बस में बैठ गई।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि बस में बैठने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने उसके साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। इसके बाद चालक और कंडक्टर ने चलती बस में उसके साथ दुष्कर्म किया। दोनों आरोपी उसे कश्मीरी गेट थाना क्षेत्र में रिंग रोड के किनारे उतारकर बस लेकर फरार हो गए।
बस पुलिस ने जब्त की
पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर क्राइम और फोरेंसिक टीम से उसकी जांच कराई। टीम ने बस के अंदर से कई साक्ष्य जुटाए हैं। अब पुलिस आरोपियों के बयान, फोरेंसिक साक्ष्यों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों का मिलान कर रही है।
छात्रा को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया गया। वहां से आदेश मिलने के बाद उसे उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
47 किलोमीटर के रूट की सीसीटीवी फुटेज की जांच
पुलिस की जांच में पता चला कि बस सूरजपुर स्थित वर्कशॉप से मरम्मत के बाद दिल्ली की ओर आ रही थी। परी चौक से कश्मीरी गेट तक बस ने करीब 47 किलोमीटर की दूरी तय की। इसी दौरान छात्रा बस में मौजूद थी।
कश्मीरी गेट पहुंचने से पहले आरोपियों ने छात्रा को रिंग रोड के किनारे उतार दिया और वहां से फरार हो गए। इसके बाद छात्रा ने पुलिस से संपर्क किया और घटना सामने आई। पुलिस बस के पूरे रूट और रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि बस किन-किन स्थानों से गुजरी और घटना के दौरान उसके आसपास कौन-कौन से वाहन या लोग मौजूद थे।
बस के शीशों पर लगे थे गहरे रंग के पर्दे
जांच के दौरान पुलिस को बस के अंदर गहरे रंग के पर्दे लगे मिले। इनकी वजह से बाहर से बस के अंदर का दृश्य आसानी से दिखाई नहीं देता था। चालक की सीट के पास स्टेयरिंग पर कंबल रखा मिला। दोनों ओर की सीटों के बीच बने खाली गलियारे में चादर बिछी हुई थी। पुलिस के अनुसार, इसी स्थान पर वारदात किए जाने का आरोप है।
क्राइम और फोरेंसिक टीम ने बस से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। बस में मौजूद सामान को भी पुलिस ने सुरक्षित कर लिया है। यह बस विश्वनाथ कंपनी की बताई गई है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि बस में सुरक्षा मानकों के अनुसार कौन-कौन से उपकरण मौजूद थे और उनकी स्थिति क्या थी।
निर्भया कांड के बाद बने नियम, बस में पालन की जांच
निर्भया कांड के बाद सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई थीं। इनमें बस के अंदर का दृश्य बाहर से रोकने वाले पर्दों पर प्रतिबंध, चालक-कंडक्टर का पुलिस सत्यापन, वर्दी पर नेम प्लेट, पैनिक बटन, सीसीटीवी और जीपीएस जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, जिस बस में घटना का आरोप है उसमें सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। खिड़कियों पर गहरे रंग के पर्दे लगे थे। पुलिस चालक और कंडक्टर के सत्यापन, यूनिफॉर्म, नेम प्लेट, पैनिक बटन, सीसीटीवी और जीपीएस समेत सुरक्षा से जुड़े अन्य प्रावधानों की भी जांच कर रही है। बस के गलियारे में चादर बिछी होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के बीच बढ़ी थी सुरक्षा
चार अगस्त की रात दिल्ली में लालकिले के आसपास स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई थी। इसके बावजूद परी चौक से कश्मीरी गेट तक करीब 47 किलोमीटर चलने वाली बस रास्ते में जांच के दायरे में नहीं आई।
रास्ते में सीसीटीवी कैमरे और पुलिस चौकियां होने के बावजूद बस के अंदर की स्थिति का पता नहीं चल सका। पर्दों के कारण बाहर से बस के भीतर निगरानी करना मुश्किल था। इससे सार्वजनिक परिवहन वाहनों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल उठे हैं। पुलिस यह भी पता कर रही है कि बस के रूट पर किन जगहों पर उसकी निगरानी हुई और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं हुआ।
विश्वनाथ ट्रैवेल्स ने दी सफाई
विश्वनाथ ट्रैवल्स की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि दोनों आरोपी कंपनी में दो साल से अधिक समय से काम कर रहे थे। चार अगस्त को बस मरम्मत के लिए सूरजपुर गई थी। कंपनी के अनुसार, दोनों ने शाम करीब पांच बजे बस ली और रात करीब नौ बजे वहां से रवाना हुए।
कंपनी ने बताया कि बस परी चौक से होते हुए एडवांट के रास्ते नोएडा सेक्टर-93 और फिर कश्मीरी गेट की ओर जा रही थी। कंपनी का कहना है कि मरम्मत के दौरान बस के सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। चालक और कंडक्टर बस में पेंटिंग का काम कराने के लिए कश्मीरी गेट की ओर आ रहे थे।
कंपनी को पुलिस के माध्यम से घटना की जानकारी मिली। बयान में कहा गया है कि कुलदीप और संदीप ने लड़की को लिफ्ट दी थी और कंपनी जांच में पुलिस का सहयोग कर रही है। पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और बस जब्त कर ली गई है। अब जांच घटना के सटीक घटनाक्रम, बस में मौजूद सुरक्षा उपकरणों की स्थिति, आरोपियों के बयान और फोरेंसिक साक्ष्यों के मिलान पर केंद्रित है।
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