मुजफ्फरनगर में मदरसा कमेटी ने खुद शुरू कराया अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण, 300 वर्गमीटर हिस्सा गिराया

HIGHLIGHTS
- आदेश में 30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपये निष्पादन फीस भी तय की गई थी।
- मदरसा प्रबंधन की अपील 17 अगस्त को अपर जिलाधिकारी न्यायिक की अदालत ने खारिज कर दी।
- 18 अगस्त को तहसील प्रशासन ने निर्माण और घेराबंदी खुद हटाने का नोटिस दिया था।
मुजफ्फरनगर में रविवार दोपहर मदरसा कमेटी ने खुद ही बुलडोजर मंगवाकर अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। दो घंटे से अधिक समय बीत चुका है। बुलडोजर से 300 वर्गमीटर हिस्सा गिराया जा चुका है, जबकि 900 वर्गमीटर हिस्सा अभी बाकी है।
प्रशासन की जांच में ग्राम समाज की 1200 वर्गमीटर जमीन पर मदरसे का अवैध निर्माण पाया गया था। इसके बाद 18 अगस्त को तहसीलदार (न्यायिक) अरविंद कुमार कुठार ने मदरसा संचालक हिफजुर्रहमान अंसारी को नोटिस जारी किया था।
नोटिस में सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि कब्जा खुद नहीं हटाया गया तो प्रशासन की ओर से इसे गिराया जाएगा। मामला फुलत गांव स्थित मदरसा दारुल उलूम रहीमिया का है।
22 मई के आदेश में बेदखली के साथ 35 हजार रुपये का जुर्माना
तहसीलदार (न्यायिक) खतौली की अदालत में ग्राम सभा बनाम मदरसा दारुल उलूम रहीमिया मामले की सुनवाई हुई थी। 22 मई 2026 को दिए गए आदेश में ग्राम फुलत की 1200 वर्गमीटर भूमि पर किए गए निर्माण को अवैध कब्जा माना गया। अदालत ने मदरसा संचालक को विवादित भूमि से बेदखल करने के साथ 30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपये निष्पादन फीस जमा करने का आदेश दिया था।
अपर जिलाधिकारी न्यायिक की अदालत में दाखिल की गई अपील
तहसीलदार न्यायिक के आदेश के खिलाफ मदरसा प्रबंधन ने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) की अदालत में अपील दाखिल की थी। 17 अगस्त 2026 को इस मामले में आदेश पारित हुआ। मदरसा दारुल उलूम रहीमिया के संचालक हिफजुर्रहमान बनाम ग्राम सभा फुलत मामले में अदालत ने अपील को कमजोर मानते हुए खारिज कर दिया।
अपील खारिज होने के बाद तहसील प्रशासन ने मदरसा प्रबंधन को विवादित जमीन से कब्जा हटाने के निर्देश दिए।
18 अगस्त के नोटिस में दी गई थी ध्वस्तीकरण की चेतावनी
तहसीलदार (न्यायिक) अरविंद कुमार कुठार की ओर से 18 अगस्त को जारी नोटिस में खसरा संख्या 623 की 1200 वर्गमीटर विवादित भूमि से पुख्ता निर्माण और घेराबंदी खुद हटाने के निर्देश दिए गए थे।
नोटिस में साफ कहा गया था कि आदेश का पालन नहीं करने पर प्रशासन की ओर से अवैध निर्माण ध्वस्त कराया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद मदरसा प्रबंधन समिति ने विवादित जमीन पर बने निर्माण को खुद हटाना शुरू कर दिया।
रविवार दोपहर करीब 2 बजे से बुलडोजर लगाकर मदरसे के अवैध हिस्से को गिराने का काम किया जा रहा है। बुलडोजर से 300 वर्गमीटर हिस्सा गिराया जा चुका है और 900 वर्गमीटर हिस्सा बाकी है। मदरसे के अंदर 1200 वर्गमीटर क्षेत्र में छात्राओं का हॉस्टल बना हुआ है। इसमें कमरों के साथ दो हॉल भी हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.