वैश्विक संकटों के बीच मजबूत रही भारतीय अर्थव्यवस्था, वित्त मंत्री ने बताई वजह

HIGHLIGHTS
- वैश्विक संकटों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत
- कोविड के बाद लगातार 7% से अधिक GDP ग्रोथ का दावा
- 2030 तक सरकारी उधारी को GDP के 50% तक लाने का लक्ष्य
नई दिल्ली। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती का प्रदर्शन करते हुए आम नागरिकों के हितों की सुरक्षा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिकागो में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने वैश्विक घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखने के साथ अपनी घरेलू जरूरतों को भी प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई संकटों के बावजूद भारतीय किसान, घरेलू परिवार और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था सुरक्षित रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि कई देशों के आर्थिक अनुमान प्रभावित हुए, लेकिन भारत ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अपनी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कैसे सुरक्षित रही भारतीय अर्थव्यवस्था?
निर्मला सीतारमण के अनुसार, भारत की आर्थिक मजबूती के पीछे वैश्विक बदलावों पर लगातार नजर रखने और घरेलू जरूरतों को समझने की नीति रही है। उन्होंने कहा कि इसी नीतिगत दृष्टिकोण ने देश को बड़े आर्थिक झटकों से बचाने में मदद की।
जीडीपी ग्रोथ को लेकर वित्त मंत्री ने क्या कहा?
वित्त मंत्री ने बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद भारत ने लगातार सात प्रतिशत से अधिक की जीडीपी ग्रोथ बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि इस साल भी विकास दर इसी दायरे में रहने की उम्मीद है। यह उपलब्धि कोविड-19, रूस-यूक्रेन युद्ध, टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं और ईरान-अमेरिका संघर्ष जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच हासिल हुई है।
राजकोषीय घाटे और कर्ज को लेकर सरकार का रोडमैप
राजकोषीय अनुशासन को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 तक सरकारी उधारी को जीडीपी के 50 प्रतिशत तक लाना है। उन्होंने कहा कि कई विकसित देशों का कर्ज फिलहाल उनकी जीडीपी के 200 प्रतिशत से अधिक है, जबकि भारत ने अपने वित्तीय लक्ष्यों को पूरा किया है। वर्ष 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को सीमित करने का अंतिम लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। इसके लिए उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजकोषीय अनुशासन के रिकॉर्ड को श्रेय दिया।
बिना समाज कल्याण में कटौती के कैसे सुधर रही क्रेडिट रेटिंग?
वित्त मंत्री ने कहा कि क्रेडिट रेटिंग में सुधार सामाजिक कल्याण योजनाओं के संसाधनों में कटौती करके नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार उचित आर्थिक प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन के माध्यम से क्रेडिट रेटिंग में सुधार कर रही है, ताकि कल्याणकारी योजनाओं पर कोई असर न पड़े।
विकसित भारत @2047 के लिए क्या है जरूरत?
वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर निर्मला सीतारमण ने कहा कि सुधारों की गति और उनके स्तर को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से तीन क्षेत्रों में सहयोग मांगा। इनमें वैश्विक अनुभव रखने वाले प्रतिभाशाली लोगों का योगदान, देश को आगे बढ़ाने के लिए नए विचार और पूंजी निवेश शामिल हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर क्या है अपडेट?
वित्त मंत्री ने बताया कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर अंतिम चरण की बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई दे सकता है। उनका संबोधन वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक स्थिति, वित्तीय अनुशासन और विकास दर पर केंद्रित रहा।
सीतारमण जी-20 वित्त मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए अमेरिका के एशविले पहुंचीं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी-20 वित्त मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए उत्तरी कैरोलिना के एशविले शहर पहुंचीं। पश्चिम एशिया और यूरोप में जारी संघर्षों की पृष्ठभूमि में बैठक में वैश्विक विकास पर चर्चा केंद्रित रही। सीतारमण 29 अगस्त से 2 सितंबर तक छह दिवसीय अमेरिका यात्रा पर हैं। यह यात्रा कनाडा से शुरू हुई उनकी नौ दिवसीय व्यापक यात्रा का हिस्सा है। रविवार को दक्षिण कैरोलिना के ग्रीनविले-स्पार्टनबर्ग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने उनका स्वागत किया।
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