भारतीय नौसेना को मिली नई ताकत, स्वदेशी INS निपुण बेड़े में शामिल; 300 मीटर गहराई तक करेगा ऑपरेशन

HIGHLIGHTS
- INS निपुण भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल।
- पोत 300 मीटर तक की गहराई में डाइविंग कर सकता है।
- 8,500 टन के पोत में 75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री है।
नई दिल्ली। इंडियन नेवी ने मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल ‘INS निपुण’ को अपने बेड़े में शामिल कर लिया है। हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) ने स्वदेशी तकनीक से तैयार किए गए इस पोत को बनाया है। INS निपुण गहरे समुद्र में विभिन्न मिशनों को अंजाम देने में सक्षम है।
नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन की अध्यक्षता में हुए उद्घाटन समारोह के साथ पश्चिमी नौसेना कमान को ‘INS निस्तार’ के समान एक समर्पित डाइविंग सपोर्ट वेसल मिल गया है। INS निस्तार को पिछले साल जुलाई में बेड़े में शामिल किया गया था और तब से वह पूर्वी नौसेना कमान के तहत सेवाएं दे रहा है।
विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड द्वारा निर्मित यह 8,500 टन का पोत 75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री से तैयार किया गया है। यह 300 मीटर तक की गहराई में संतृप्त गोताखोरी करने के साथ संकट में फंसी पनडुब्बियों से चालक दल को सुरक्षित निकालने जैसे कठिन अभियानों को पूरा कर सकता है।
अत्याधुनिक क्षमताओं और सुविधाओं से लैस
INS निपुण समुद्र में 300 मीटर तक की गहराई में सैचुरेशन डाइविंग और 75 मीटर तक साइड-स्टेज डाइविंग ऑपरेशन करने में सक्षम है। खराब मौसम और समुद्र में तेज लहरों के बीच भी यह पोत अपनी स्थिति स्थिर रख सकता है। इसके चलते समुद्र के भीतर फंसी पनडुब्बियों और नौसैनिकों को बाहर निकालने में मदद मिल सकती है।
यदि कोई जहाज या मशीन समुद्र के भीतर खराब हो जाती है तो INS निपुण वहीं उसकी मरम्मत करने में भी सक्षम है। गहरे समुद्र में जटिल अभियानों के लिए इसमें 15 टन क्षमता वाली सब-सी क्रेन, डायनेमिक पोजिशनिंग सिस्टम और 1,000 मीटर तक की गहराई में काम करने वाले ‘रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल्स’ (ROV) लगाए गए हैं।
अस्पताल, ICU और ऑपरेशन थिएटर की सुविधा
जहाज में आठ बिस्तरों वाला अस्पताल, एक गहन चिकित्सा इकाई, ऑपरेशन थिएटर और हाइपरबेरिक चिकित्सा सुविधाएं मौजूद हैं। इन सुविधाओं की मदद से गहरे समुद्र में गोताखोरी से जुड़ी चिकित्सा समस्याओं से निपटने में सहायता मिलेगी।
2018 में हुआ था दो जहाजों का अनुबंध
रक्षा मंत्रालय ने सितंबर 2018 में हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) के साथ करीब 2,393 करोड़ रुपये की लागत से ऐसे दो जहाजों के निर्माण का अनुबंध किया था। INS निस्तार की नींव दिसंबर 2019 में रखी गई थी, जबकि निपुण की नींव इसके तीन महीने बाद रखी गई।
विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) द्वारा निर्मित INS निपुण को व्यापक साज-सज्जा और कड़े समुद्री परीक्षणों के बाद 30 जुलाई को नौसेना को सौंप दिया गया था। इसके बाद आज यानी 31 अगस्त, सोमवार को इसे भारतीय नौसेना में कमीशन किया गया है।

Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.