इंडिगो मामले में केंद्र ने दिये उच्च स्तरीय जांच के आदेश, 24×7 नियंत्रण कक्ष भी बनाया

नई दिल्ली: भारत सरकार ने इंडिगो एयरलाइन में हाल ही में उत्पन्न हुई उड़ान देरी और रद्दीकरण की समस्याओं की उच्च स्तरीय जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही यात्रियों की परेशानियों को कम करने के लिए 24×7 कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। सरकार ने एयरलाइन को फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों में राहत भी दी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह कदम पूरी तरह यात्रियों के हित में लिया गया है और विमानन सुरक्षा पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
जिम्मेदारों के खिलाफ होगी कार्रवाई
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि इंडिगो में हुई सेवा बाधाओं की जांच कर दोषियों की पहचान की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए उपाय सुझाए जाएंगे।
24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित
मंत्रालय ने इंडिगो की उड़ान सेवाओं की वास्तविक समय निगरानी और त्वरित सुधार के लिए एक 24×7 नियंत्रण कक्ष बनाया है। यह केंद्र यात्रियों को होने वाली असुविधा कम करने, प्रभावित हवाई अड्डों पर संचालन को शीघ्र बहाल करने और हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा।
FDTL नियमों में राहत
विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन के नियमों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों, मरीजों और अन्य जरूरी यात्रियों के हित में लिया गया है। मंत्रालय ने आश्वस्त किया कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
FDTL नियम क्या हैं?
FDTL नियम पायलट और क्रू मेंबर्स की ड्यूटी घंटे और आराम के समय को नियंत्रित करते हैं। जनवरी 2024 में DGCA ने थकान संबंधी डेटा और अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर इन नियमों को अपडेट किया था। नए नियमों के तहत:
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पायलटों को हर हफ्ते 48 घंटे का अनिवार्य आराम मिलेगा
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रात की ड्यूटी का समय 00:00-06:00 तक बढ़ाया गया
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लगातार दो नाइट ड्यूटी की सीमा निर्धारित की गई
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थकान संबंधी डेटा की तिमाही रिपोर्टिंग अनिवार्य
नियमों के कारण हुई परेशानियां
नए नियमों के कारण एयरलाइंस को अधिक पायलटों की आवश्यकता पड़ रही है और शेड्यूल में बदलाव करना पड़ रहा है। यही वजह है कि कुछ उड़ानों में शॉर्ट-टर्म कैंसिलेशन और देरी देखी गई।
थकान नियम की अहमियत
वैश्विक एविएशन इंडस्ट्री में पायलट थकान एक बड़ी चुनौती है। भारत के नए नियम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं और पायलटों को पर्याप्त आराम देने तथा उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। एयरलाइंस को इन नियमों के अनुसार ऑपरेशन ढालने में समय लगेगा, लेकिन लंबी अवधि में यह यात्रियों और क्रू दोनों के लिए लाभकारी होगा।
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