मुजफ्फरनगर में नकली नोटों के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- आरोपियों के पास से 500 रुपये के 200 नकली नोट बरामद किए गए।
- जांच में नकली करेंसी की सप्लाई का नेटवर्क कई शहरों तक फैला मिला।
- फर्जी नाम-पते से कुरियर के जरिए नोट मंगाने की बात सामने आई।
मुजफ्फरनगर। गुरुवार शाम करीब 4 बजे पुलिस लाइन में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने नकली नोटों के अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया।
बुढ़ाना थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 1 लाख रुपये की नकली भारतीय मुद्रा, एक वैगनआर कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
प्रारंभिक जांच में इस गिरोह के तार मेरठ, खतौली और बेंगलुरु तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है।
सूचना मिलने पर पुलिस ने की घेराबंदी
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक वैगनआर कार में सवार तीन युवक नकली नोट लेकर खतौली की तरफ से आ रहे हैं।
सूचना के बाद बुढ़ाना थाना पुलिस ने खतौली रोड पर चेकिंग अभियान शुरू किया। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया।
तीन आरोपियों के पास से मिले नकली नोट
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के कैली गांव निवासी सालिम और माजिद तथा मुजफ्फरनगर के जौला निवासी जीशान के रूप में हुई है।
पुलिस ने तलाशी के दौरान इनके पास से 500 रुपये के 200 नकली नोट बरामद किए, जिनकी कुल कीमत 1 लाख रुपये है। इसके अलावा एक वैगनआर कार और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
40 हजार रुपये में लेते थे 1 लाख की नकली करेंसी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मेरठ के मवाना निवासी साहिल और शाहनवाज उन्हें 40 हजार रुपये में 1 लाख रुपये की नकली करेंसी उपलब्ध कराते थे।
पुलिस के अनुसार, साहिल और शाहनवाज यह नकली नोट बेंगलुरु निवासी माइकल फर्नाडीज से करीब 30 हजार रुपये में मंगाते थे।
आरोपियों ने बताया कि नकली नोट फर्जी नाम और पते पर कुरियर के माध्यम से मंगाए जाते थे। कुरियर लेने के लिए कोड नंबर भेजा जाता था और भुगतान क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन किया जाता था। इसके बाद नकली नोटों को बाजार में चलाकर मुनाफा कमाया जाता था।
बेकरी संचालक का नाम भी जांच में आया
पूछताछ के दौरान खतौली निवासी बेकरी संचालक मुसर्रफ का नाम भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, उसे गिरोह के मुनाफे में हिस्सा मिलने की बात सामने आई है।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। इसके अलावा यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने किन-किन जिलों में नकली नोटों को खपाया और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
पुलिस टीम को मिला 15 हजार रुपये का पुरस्कार
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि बुढ़ाना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नकली नोटों के गिरोह का खुलासा किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
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