मुजफ्फरनगर में धूमधाम से मनाई गई भगवान दक्ष प्रजापति जयंती, 200 से अधिक मेधावी छात्र सम्मानित

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर में भगवान दक्ष प्रजापति जयंती महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
- कार्यक्रम में 200 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
- भव्य शोभायात्रा में 10 रथ, 10 झांकियां, बैंड और डीजे आकर्षण का केंद्र रहे।
मुजफ्फरनगर में बुधवार को भगवान दक्ष प्रजापति जयंती महोत्सव श्रद्धा, उत्साह और भव्य माहौल के बीच मनाया गया। इस अवसर पर प्रजापति समाज की ओर से वर्ष 2026 की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 200 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
रामलीला टिल्ला मैदान में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित कार्यक्रम में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-यज्ञ के साथ हुआ। राष्ट्रीय प्रजापति महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दारा सिंह प्रजापति ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्यामलाल प्रजापति ने की।
शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया
मुख्य अतिथि दारा सिंह प्रजापति और वरिष्ठ समाजसेवी भूले सिंह ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि शिक्षा समाज की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, संगठन और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षित युवा ही समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं।
राज्यमंत्री ने चलाया कुम्हार का चाक
उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल भी समारोह में शामिल हुए। उन्होंने प्रजापति समाज की पारंपरिक कला को सम्मान देते हुए मिट्टी के बर्तन बनाने वाला चाक चलाया और समाज के लोगों का उत्साह बढ़ाया।
10 रथ और 10 झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा
दोपहर करीब 2 बजे रामलीला टिल्ला मैदान से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा नंबर-02 चुंगी, आबकारी रोड, हनुमान चौक, भगत सिंह रोड, शिव चौक, झांसी रानी चौक, टाउनहॉल रोड, मालवीय चौक, अंसारी रोड, नॉवेल्टी चौक और बकरा मार्केट रोड से होते हुए देर शाम पुनः रामलीला टिल्ला मैदान पहुंचकर संपन्न हुई।
पुष्पवर्षा और भंडारों से हुआ स्वागत
शोभायात्रा में 5 बैंड, 12 डीजे, 10 भव्य रथ और 10 आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। ग्रामीण क्षेत्रों से आई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ने भी आयोजन की भव्यता बढ़ाई। यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया तथा कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया। मिट्टी के बर्तन बनाने की पारंपरिक कला का जीवंत प्रदर्शन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
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