शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 730 अंक उछला और निफ्टी 24,100 के पार

HIGHLIGHTS
- भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को तेजी रही, सेंसेक्स करीब 730 अंक और निफ्टी 200 अंक से ज्यादा चढ़ा।
- बीएसई का बाजार पूंजीकरण 3 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 482 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।
- आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली।
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 730 अंक की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी 200 से ज्यादा अंक चढ़कर 24,100 के स्तर को पार कर गया। बाजार में आई इस तेजी से बीएसई का मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 482 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।
वहीं, बुधवार को शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया पांच पैसे मजबूत होकर 95.77 के स्तर पर पहुंच गया। कमजोर अमेरिकी मुद्रा और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच रुपया लगातार चौथे दिन स्थिर बना रहा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी शुरू होने से घरेलू बाजार में सकारात्मक माहौल बना, जिसका फायदा रुपये को भी मिला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.70 पर खुला और बाद में डॉलर के मुकाबले 95.77 पर कारोबार करता दिखा, जो पिछले बंद भाव की तुलना में पांच पैसे की बढ़त है।
इससे पहले मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे मजबूत होकर 95.82 पर बंद हुआ था। इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में रुपये में 74 पैसे की बढ़त दर्ज की गई थी।
आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी शेयरों में तेजी
बाजार की तेजी में आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। हालांकि, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में चार फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई, जिसका असर विमानन कंपनी इंडिगो के शेयरों पर पड़ा और इनमें गिरावट देखने को मिली।
इस दौरान इंडिया VIX में तीन फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, व्यापक बाजार भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
बाजार में तेजी की वजह क्या रही?
बाजार में तेजी का मुख्य कारण आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हुई खरीदारी रही। बीएसई का बाजार पूंजीकरण तीन लाख करोड़ रुपये बढ़कर 482 लाख करोड़ रुपये हो गया।
इंडिया VIX में तीन फीसदी से अधिक की गिरावट से निवेशकों के बीच चिंता कम होने का संकेत मिला। इसके अलावा व्यापक बाजारों में सकारात्मक रुख ने भी निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया।
क्या आईटी सेक्टर में लौटा निवेशकों का भरोसा?
जून तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने निफ्टी आईटी की 10 कंपनियों में से सात में अपनी हिस्सेदारी घटाई थी। इसके बावजूद जुलाई महीने में आईटी सेक्टर में तेज सुधार देखने को मिला है।
निफ्टी आईटी इंडेक्स जुलाई में अब तक 16 फीसदी तक बढ़ चुका है। यह संकेत देता है कि निवेशकों की निराशा शायद अपने उच्च स्तर पर पहुंच चुकी थी। कम वैल्यूएशन, कम पोजिशन और बेहतर तकनीकी संकेतकों के कारण आईटी सेक्टर में मजबूत रिकवरी देखने को मिल रही है।
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