मुजफ्फरनगर पुलिस की बड़ी सफलता, 131 गुम मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर पुलिस ने सर्विलांस तकनीक और CEIR पोर्टल की मदद से तीन महीने में 131 गुम हुए स्मार्टफोन बरामद किए।
- बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 14 लाख रुपये बताई गई, जिन्हें पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में मालिकों को वापस सौंपा गया।
- एसएसपी ने कहा कि गुम और चोरी हुए मोबाइलों की बरामदगी के लिए तकनीक आधारित अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मुजफ्फरनगर। मोबाइल फोन खोने के बाद उसे वापस पाने की उम्मीद कम ही लोग रखते हैं, लेकिन मुजफ्फरनगर पुलिस की सर्विलांस टीम ने तकनीक की मदद से कई लोगों के चेहरे पर फिर मुस्कान ला दी। पिछले तीन महीनों में पुलिस ने 131 गुम हुए स्मार्टफोन बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए।

बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 14 लाख रुपये बताई गई है। बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सौंपे। अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर लोगों ने पुलिस का आभार जताया।
CEIR पोर्टल और सर्विलांस तकनीक से मिली सफलता
पुलिस के मुताबिक, भारत सरकार के CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल और आधुनिक तकनीकी संसाधनों की सहायता से गुम हुए मोबाइलों को ट्रैक किया गया। इसके बाद सर्विलांस सेल और जिले के विभिन्न थानों की टीमों ने मिलकर अभियान चलाया और अलग-अलग स्थानों से मोबाइल बरामद किए।

एसएसपी ने कहा- अभियान रहेगा जारी
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने और उनका खोया सामान वापस दिलाने की कोशिश जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियानों से आम लोगों का पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत होता है।
मोबाइल वापस मिलने से लोगों को मिली राहत
मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों ने बताया कि फोन में उनके जरूरी दस्तावेज, निजी तस्वीरें और महत्वपूर्ण जानकारियां मौजूद थीं। ऐसे में मोबाइल वापस मिलना उनके लिए बड़ी राहत की बात है।
इस अभियान को एसपी देहात इंदु सिद्धार्थ के पर्यवेक्षण और सर्विलांस सेल प्रभारी विकास चौधरी के निर्देशन में पूरा किया गया। सर्विलांस टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी के जरिए मोबाइलों को ट्रेस किया और उन्हें बरामद कर संबंधित लोगों तक पहुंचाया।
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