मुजफ्फरनगर: साध्वी प्राची ने कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं को सराहा, विवादित बयानों पर जताया विरोध

HIGHLIGHTS
- साध्वी प्राची ने शिवभक्तों से कांवड़ यात्रा के दौरान संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
- भगवान शिव और ब्रह्मा को लेकर दिए गए कथित बयान पर उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की।
- NEET विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मुजफ्फरनगर में शुक्रवार देर शाम करीब 8 बजे शिव चौक पर विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची ने कई मुद्दों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से यात्रा पूरी करने की अपील की।
इसके अलावा उन्होंने मौलाना जर्जिस के कथित विवादित बयान, संसद परिसर में भगवा को लेकर हुए विवाद और NEET परीक्षा के विरोध प्रदर्शन को लेकर भी अपनी बात रखी।
कांवड़ यात्रा को बताया आस्था का महापर्व
साध्वी प्राची ने कहा कि सावन भगवान शिव की आराधना का पवित्र महीना है और कांवड़ यात्रा आस्था का सबसे बड़ा पर्व है। उन्होंने शिवभक्तों से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी विवाद से बचते हुए यात्रा पूरी करें।
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की।
मौलाना जर्जिस के बयान पर जताया विरोध
मौलाना जर्जिस द्वारा भगवान शिव और भगवान ब्रह्मा को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर साध्वी प्राची ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि सनातन देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।
उन्होंने ऐसे मामलों में सरकार से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
भगवा विवाद और NEET प्रदर्शन पर भी बोलीं साध्वी प्राची
संसद परिसर के बाहर भगवा को लेकर हुए विवाद पर साध्वी प्राची ने विपक्षी दलों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर सनातन और भगवा का अपमान करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसे लोगों का "रिमोट कंट्रोल विदेशों से संचालित होता है।"
NEET परीक्षा को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन राष्ट्र और समाज के सम्मान के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने ऐसे मामलों में भी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
साध्वी प्राची ने कहा कि भारत की संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्रीय अस्मिता का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और धार्मिक आयोजनों को शांति एवं भाईचारे के साथ पूरा कराने की अपील की।
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