प्रधानमंत्री मोदी ने की एआई के लिए नैतिक और इंसान-केंद्रित रोडमैप की वकालत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए दुनिया से अपील की कि तकनीकी बदलावों को मानवता के लिए अवसर में बदलें। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की सफलता सही समझ और जिम्मेदार उपयोग पर निर्भर करती है।
बुद्ध की शिक्षाओं से मिली प्रेरणा
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “भारत बुद्ध की धरती है। भगवान बुद्ध ने सिखाया कि सही काम हमेशा सही समझ से आता है।” पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि एआई के लिए एक ऐसा रोडमैप तैयार करना होगा जो सही इरादों और समय पर लिए गए निर्णयों पर आधारित हो, तभी इसका सकारात्मक प्रभाव महसूस किया जा सकेगा।
पीएम मोदी ने एक संवेदनशील और इंसान-केंद्रित एआई इकोसिस्टम की वकालत की। उन्होंने भरोसा जताया कि यह समिट नैतिक और जिम्मेदार डिजिटल भविष्य बनाने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास गवाह है कि मानवता ने हर चुनौती को अवसर में बदलकर आगे बढ़ाया है, और आज एआई के जरिए हमारे पास फिर से ऐसा ही मौका है।
वैश्विक नेताओं और उद्योगपतियों की उपस्थिति
समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और दुनिया के प्रमुख उद्योगपतियों ने भी भाग लिया। यह पहली बार है कि 'ग्लोबल साउथ' के किसी देश में इतना बड़ा एआई समिट आयोजित हुआ है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का विजन “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” है और एआई का इस्तेमाल भी इसी सिद्धांत पर होना चाहिए ताकि यह पूरी मानवता के भले के लिए काम करे।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.