PM मोदी ने बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर से की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर के बीच हैदराबाद हाउस में बैठक हुई।
- रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग पर जोर दिया गया।
- भारत-बेल्जियम व्यापार को अगले पांच वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य।
भारत यूरोपीय संघ और यूरोप के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक राजधानी के हैदराबाद हाउस में हुई।
इससे पहले बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वहां पुष्पांजलि दी और फूल चढ़ाए। इसके साथ ही उन्होंने राजघाट की विजिटर्स बुक में अपने हस्ताक्षर भी किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब सहयोग के पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक पहुंच चुके हैं। उन्होंने जोरावर टैंक और आंध्र प्रदेश में बड़े ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट पर दोनों देशों के सहयोग का उल्लेख किया। राजधानी में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ संयुक्त बयान के दौरान पीएम मोदी ने यह बात कही।
पीएम मोदी ने कहा, 'आज हमारे सहयोग का दायरा पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक फैल गया है। हम जोरावर टैंक जैसे आधुनिक रक्षा उपकरणों पर मिलकर काम कर रहे हैं। हम आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स में से एक को भी विकसित कर रहे हैं।'
प्रथम विश्व युद्ध का जिक्र क्यों किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच रिश्तों के ऐतिहासिक महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'भारत और बेल्जियम के संबंध इतिहास में गहराई से जुड़े हैं। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों का साहस और बलिदान हमारी साझा यादों का एक अहम हिस्सा है। आज, लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार-आधारित अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच मजबूत संबंध हमें स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं।'
भारत और ईयू एफटीए को लेकर पीएम मोदी ने क्या कहा?
भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए एफटीए की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने निवेश के लिए एक 'फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म' तैयार किया है।
उन्होंने कहा, 'इस साल की शुरुआत में, हमने भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दिया।
यह दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक ताकतों के बीच यह अभूतपूर्व सहयोग वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को और मजबूत करेगा। भारत की लगातार आर्थिक प्रगति और इस समझौते ने हमारे आर्थिक संबंधों के लिए नई संभावनाएं खोली हैं। आज, हमने इन संभावनाओं को ठोस नतीजों में बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।'
भारत और बेल्जियम व्यापार पर क्या बोले पीएम?
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने 'भारत-बेल्जियम बिजनेस फोरम' को नियमित व्यवस्था बनाने का फैसला किया है। इसके अलावा वित्तीय, फिनटेक और नियामक संस्थानों के बीच तालमेल बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इन कदमों के जरिए अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य हासिल करने की बात कही गई।
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आज हमने अपने स्टार्टअप्स के बीच संबंध मजबूत करने और समुद्री क्षेत्र में क्षमता निर्माण को बढ़ाने पर सहमति जताई। हम यूनिवर्सिटी और रिसर्च के क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करेंगे। जल्द ही प्रतिभाओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए 'माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट' पर हस्ताक्षर करेंगे। आज हमने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा की। भारत और बेल्जियम दोनों ही कानून के शासन, बातचीत और कूटनीति में विश्वास रखते हैं।'
बेल्जियम के प्रधानमंत्री कब तक भारत के दौरे पर हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर बार्ट डी वेवर 4 सितंबर तक भारत के दौरे पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करना तथा व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है।
भारत के पहले दौरे पर हैं डी वेवर
फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री पद संभालने वाले बार्ट डी वेवर बेल्जियम के प्रधानमंत्री के तौर पर पहली बार भारत आए हैं। यह दो दशकों में किसी बेल्जियम प्रधानमंत्री की भारत की पहली यात्रा भी है।
उनके साथ बेल्जियम के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन के अलावा अधिकारियों और बिजनेस लीडर्स का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है। इसमें बेल्जियम के रक्षा उद्योग के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। यह दौरा भारत और बेल्जियम के संबंधों में आई तेजी के बीच हो रहा है।
दोनों देशों के बीच कब हुए थे समझौते?
यह दौरा भारत और बेल्जियम के रिश्तों में आई तेजी के बीच हो रहा है। इससे पहले मार्च 2025 में प्रिंसेस एस्ट्रिड की अगुवाई में बेल्जियम का एक आर्थिक मिशन भारत आया था। इसमें कंपनियों, चैंबर ऑफ कॉमर्स, एकेडेमिया और सरकारी संस्थानों के 338 लोगों ने हिस्सा लिया था और 38 समझौते (MoU) हुए थे।
इस दौरे से क्या उम्मीद है?
डी वेवर की यात्रा के दौरान बेल्जियम के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री तथा बेल्जियम के रक्षा उद्योगों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी से भारत और बेल्जियम के रक्षा औद्योगिक इकोसिस्टम के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर मिलने की उम्मीद है।
उम्मीद है कि डी वेवर का दौरा द्विपक्षीय संबंधों में हाल ही में आई तेजी को और आगे बढ़ाएगा और भारत-बेल्जियम सहयोग को विस्तार देने का मौका देगा। साथ ही भारत-ईयू और भारत-यूरोप संबंधों को मजबूत करने में बेल्जियम की भूमिका को भी और गहरा करेगा।
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