रामपुर में सपा प्रतिनिधिमंडल के दौरे पर हंगामा, इकरा हसन और आजम खां समर्थकों में धक्का-मुक्की

HIGHLIGHTS
- रामपुर में सपा प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान गेस्ट हाउस में इकरा हसन और आजम खां समर्थकों के बीच विवाद।
- जौहर यूनिवर्सिटी मामले में सपा सांसदों ने छात्रों से मुलाकात कर समर्थन का भरोसा दिया।
- प्रतिनिधिमंडल ने आरडीए के आदेश को रद्द करने की मांग को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा।
समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के रामपुर पहुंचने के दौरान गेस्ट हाउस में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब सांसद इकरा हसन और सपा नेता आजम खां के समर्थक हॉल में प्रवेश को लेकर आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और इसके बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
कुछ ही देर में गेस्ट हाउस में अफरातफरी का माहौल बन गया। हॉल के बाहर कुछ समय के लिए हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के लिए जौहर रोड स्थित संत शिरोमणि गेस्ट हाउस के हॉल में प्रवेश की व्यवस्था की गई थी, लेकिन बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक भी अंदर जाने का प्रयास करने लगे।
बताया जा रहा है कि इकरा हसन के समर्थक उनके साथ हॉल में प्रवेश करना चाहते थे, जबकि आजम खां के समर्थक भी वहां बड़ी संख्या में मौजूद थे। सीमित जगह और भीड़ अधिक होने के कारण दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो बाद में धक्का-मुक्की तक पहुंच गया।
मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। प्रवेश द्वार पर कुछ देर तक अव्यवस्था बनी रही, जिससे कार्यक्रम की व्यवस्था भी प्रभावित हुई। काफी प्रयासों के बाद सांसद इकरा हसन को सुरक्षा घेरे में हॉल के अंदर पहुंचाया गया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और प्रतिनिधिमंडल की बैठक आगे बढ़ सकी।
दो दिन पहले भी आजम समर्थकों और रामपुर सांसद के बीच हुई थी बहस
इससे दो दिन पहले भी विधायकों और पदाधिकारियों का सपा प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा था। उस दौरान रामपुर सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और सपा नेता आजम खां के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी भी की गई थी।
जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचकर छात्रों से मिले सपा सांसद
जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश के विरोध में समाजवादी पार्टी के आठ सांसदों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को रामपुर पहुंचा। उनके साथ कई अन्य नेता भी मौजूद रहे। आसपास के सपा कार्यकर्ता और आजम खां समर्थक भी बड़ी संख्या में वहां पहुंचे।
प्रतिनिधिमंडल ने संत रविदास गेस्टहाउस में एकत्र होने के बाद जौहर यूनिवर्सिटी गेट पर सातवें दिन अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्रों से मुलाकात की। सांसदों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि यूनिवर्सिटी को टूटने नहीं दिया जाएगा।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने यूनिवर्सिटी के वीसी से बंद कमरे में मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी ली। बाद में सांसद कलक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरडीए के आदेश का विरोध करते हुए उसे रद्द करने की मांग की गई।
सपा सांसदों ने सरकार पर लगाया शिक्षा विरोधी होने का आरोप
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा विरोधी काम कर रही है और यूनिवर्सिटी को तोड़ने का आदेश भी इसी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आदेश के खिलाफ कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है और किसी भी कीमत पर यूनिवर्सिटी को टूटने नहीं दिया जाएगा।
शनिवार को रामपुर में सियासी हलचल तेज रही। सपा प्रतिनिधिमंडल ने संत शिरोमणि गेस्ट हाउस में पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली। राज्यसभा सांसद जावेद अली खां प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते नजर आए।
छात्रों ने नारेबाजी के बीच अपना मांग पत्र सांसदों को सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में ये नेता रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में रामपुर सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर, सांसद जावेद अली खान, महाराष्ट्र सपा प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक (पूर्व सांसद) अबू आसिम आजमी, सांसद हरेंद्र सिंह मलिक, सांसद रुचिवीरा, सांसद इकरा हसन, सांसद नीरज मौर्य, सांसद जियाउर्रहमान बर्क, सांसद देवेश शाक्य और सांसद राम शिरोमणि वर्मा शामिल रहे।
सपा प्रदेशाध्यक्ष द्वारा जारी सांसद प्रतिनिधिमंडल की सूची में रामपुर सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और सांसद राजीव राय का नाम शामिल नहीं था। बताया गया कि सांसद राजीव राय के पिता की पुण्यतिथि और मोहिबुल्लाह नदवी की तबीयत खराब होने के कारण वे शामिल नहीं हो सके।
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