शेयर बाजार लगातार पांचवें दिन गिरावट के साथ बंद, सेंसेक्स 332 अंक टूटा; निफ्टी 23,800 के नीचे

HIGHLIGHTS
- भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन गिरावट, सेंसेक्स 332 अंक गिरकर 76,059.77 पर बंद।
- कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव बना रहा।
- रियल्टी, ऑटो और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा नुकसान, जबकि एफएमसीजी और फार्मा में मजबूती रही।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी दिन गिरावट का दौर जारी रहा। सेंसेक्स 332 अंक टूटकर 76,059.77 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में भी 102.15 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,767.45 पर आ गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में 0.43 फीसदी की कमी रही।
बाजार में चौतरफा बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली से निवेशकों की चिंता बढ़ी। इन कारणों से बाजार में गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा।
लगातार गिरावट की वजह क्या रही?
भारतीय शेयर बाजार में पांचवें दिन भी कमजोरी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट के पीछे कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली प्रमुख कारण रहे। बाजार में जोखिम से बचने की भावना बढ़ी और निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
किन सेक्टरों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर?
बाजार में व्यापक बिकवाली के चलते कई सेक्टर दबाव में रहे। रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जिसमें 1.49 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटो, मेटल, तेल एवं गैस सेक्टर में भी नुकसान देखने को मिला। वित्तीय सेवाओं और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर भी दबाव बना रहा। निफ्टी बैंक और निजी बैंक सूचकांक में गिरावट दर्ज की गई।
किन प्रमुख शेयरों में गिरावट रही?
शुक्रवार की गिरावट में कई बड़े शेयर प्रभावित हुए। बजाज फाइनेंस और इटरनल के शेयरों में करीब 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 332 अंक नीचे बंद हुआ और निफ्टी 23,800 के स्तर से नीचे चला गया।
हालांकि, एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर के शेयरों में मजबूती बनी रही और ये हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। बाजार की चाल से संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा फिलहाल कमजोर बना हुआ है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.