27 अक्टूबर को सभी मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा, पीएम मोदी को सौंपी जाएगी परफार्मेंस रिपोर्ट

HIGHLIGHTS
- 27 अक्टूबर को कैबिनेट सचिव सभी मंत्रालयों के सचिवों के साथ बैठक करेंगे।
- मंत्रालयों से मौजूदा योजनाओं, प्रगति और जनहित में मिल रहे लाभों का ब्योरा मांगा गया है।
- भविष्य की कार्ययोजनाओं की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल होगी।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में राज्य और केंद्र सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे किए। इस मौके पर उन्होंने जनविश्वास को अपनी उपलब्धियों का आधार बताते हुए देशवासियों को भरोसा दिलाया कि सरकार नई ऊर्जा के साथ काम करेगी और सुधारों की रफ्तार को और तेज किया जाएगा।
अब केंद्र सरकार इसी दिशा में अपने प्रयासों को गति देने की तैयारी में है। इसी क्रम में 27 अक्टूबर को कैबिनेट सचिव ने सभी मंत्रालयों के सचिवों की बैठक बुलाई है।
मंत्रालयों की परफार्मेंस रिपोर्ट प्रधानमंत्री मोदी को सौंपी जाएगी
इस बैठक में सभी मंत्रालयों से उनके कामकाज की रिपोर्ट ली जाएगी। तैयार की जाने वाली समग्र रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष रखी जाएगी। इसके बाद ईज ऑफ डूइंग और ईज ऑफ लिविंग को बेहतर बनाने के लिए कुछ अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
एक मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कैबिनेट सचिवालय ने सभी मंत्रालयों को मौजूदा योजनाओं, उनकी प्रगति, आम जनता को मिल रहे लाभ और भविष्य में प्रस्तावित कार्ययोजनाओं के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। 27 अक्टूबर को कैबिनेट सचिव सभी मंत्रालयों के सचिवों से क्रमवार जानकारी लेंगे और उनके कामकाज की समीक्षा करेंगे।
बताया जा रहा है कि समीक्षा के बाद तैयार रिपोर्ट प्रधानमंत्री मोदी के सामने पेश की जाएगी। इसके आधार पर उच्चस्तरीय बैठक में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी लगातार रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म पर जोर देते रहे हैं।
ईज ऑफ डूइंग और ईज ऑफ लिविंग पर लिए जा सकते हैं अहम फैसले
प्रधानमंत्री का मानना है कि कारोबार को आसान बनाने के साथ-साथ जीवन जीने की सुविधाएं भी बेहतर होनी चाहिए। ईज ऑफ लिविंग का लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि कस्बों और गांवों तक भी पहुंचे।
सरकार के इस नए प्रयास को मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष सरकार के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करने के उद्देश्य से आंदोलन कर रहा है। इसी क्रम में रिजीम चेंज जैसे असंवैधानिक दावे भी किए जा रहे हैं।
दूसरी ओर, सरकार की कोशिश है कि अब तक जनहित को ध्यान में रखकर जमीन पर उतारी गई योजनाओं को सैचुरेशन मोड तक पहुंचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को उनका लाभ मिल सके।
हाल ही में इस उद्देश्य से देशभर में जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े विभागों के शिविर भी लगाए गए थे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी सुधारों की रफ्तार बढ़ाने के लिए रिफार्म एक्सप्रेस का गियर भी बदल सकते हैं।
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