मुजफ्फरनगर रॉकी हत्याकांड: एक महीने बाद भी नहीं मिला कटा सिर, नहर में फिर चला सर्च अभियान

मुजफ्फरनगर: बहुचर्चित विकसित उर्फ रॉकी हत्याकांड को एक महीना पूरा हो गया है, लेकिन यह सनसनीखेज मामला अब तक पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है। वारदात के बाद शव के धड़ और सिर को अलग-अलग जगहों पर छिपाने के मामले में चार आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि रॉकी का कटा हुआ सिर अभी तक पुलिस की पहुंच से बाहर है।
शुक्रवार को सिखेड़ा थाना पुलिस ने पीएसी की विशेष टीम के साथ जौली क्षेत्र के पास नहर में एक बार फिर सघन सर्च अभियान चलाया। सुबह से शाम तक कई स्थानों पर तलाशी की गई, लेकिन इस बार भी कोई सुराग हाथ नहीं लग सका।

पुलिस को आरोपियों के इकबालिया बयान के आधार पर यह जानकारी मिली थी कि हत्या के बाद सिर को नहर में फेंका गया था। इसी कारण आशंका जताई जा रही थी कि लंबे समय तक पानी में रहने के बाद वह किसी स्थान पर ऊपर आ सकता है, लेकिन लगातार प्रयासों के बावजूद अब तक सफलता नहीं मिली है।
जानकारी के अनुसार, 18 मई को विकसित उर्फ रॉकी को उसकी कथित पत्नी रेणु ने सिखेड़ा थाना क्षेत्र के बेहड़ा अस्सा गांव स्थित घर से स्कॉर्पियो में बैठाकर अपने साथ ले गई थी। यही रात उसकी जिंदगी की आखिरी रात साबित हुई।
इसके बाद उसे बागपत के बड़ौत स्थित रेणु के घर ले जाकर गोली मार दी गई। हत्या के बाद शव को मुजफ्फरनगर लाया गया, जहां उसे दो हिस्सों में काटा गया। धड़ को भोपा थाना क्षेत्र के कादीपुर गांव के जंगल में शुभम के खेत में गहरे गड्ढे में दफनाया गया, जबकि सिर को जौली नहर में फेंक दिया गया।
इस मामले में रेणु, उसके पहले पति का बेटा बादल तोमर, बादल की पत्नी निशा, दोस्त मोंटी उर्फ अभि और शुभम के नाम सामने आए थे। इनमें रेणु, बादल, मोंटी और शुभम पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में हैं, जबकि निशा ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया है, जिस पर 25 जून को सुनवाई होनी है।

पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और सिर की बरामदगी के लिए लगातार नहर में अभियान चलाया जा रहा है। CO नई मंडी राजू कुमार साव के अनुसार, कई दिनों तक पानी में रहने के कारण सिर के ऊपर आने की संभावना के चलते सर्च ऑपरेशन दोबारा चलाया गया, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
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