1 अक्टूबर से LPG सिलिंडर पर बदलेगा नियम, सब्सिडी के लिए कराना होगा बायोमेट्रिक सत्यापन

HIGHLIGHTS
- बायोमेट्रिक सत्यापन लंबित होने पर गैस की सप्लाई बंद नहीं होगी।
- सत्यापन नहीं कराने पर रिफिल पूरी बाजार कीमत पर लेना होगा।
- 210 रुपये प्रति सिलिंडर की अप्रत्यक्ष सब्सिडी का उल्लेख किया गया है।
नई दिल्ली। देशभर में घरेलू एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर से नियमों में बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार के नए नियमों के मुताबिक, एलपीजी सिलिंडर पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी का लाभ लेने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) कराना अनिवार्य होगा।
जो उपभोक्ता तय समय सीमा तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनकी गैस बुकिंग या सिलिंडर की आपूर्ति बंद नहीं की जाएगी। हालांकि, ऐसे उपभोक्ताओं को सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में उन्हें रिफिल सिलिंडर बाजार दर यानी पूरी कीमत पर खरीदना होगा।
1 अक्टूबर से क्या बदलेगा?
सब्सिडी बंद हो जाएगी: यदि 1 अक्टूबर से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा नहीं किया गया है, तो 210 रुपये प्रति सिलिंडर की अप्रत्यक्ष सब्सिडी बंद हो जाएगी।
बाजार कीमत पर मिलेगा सिलिंडर: सब्सिडी बंद होने के बावजूद गैस की बुकिंग और डिलीवरी जारी रहेगी। हालांकि, रिफिल सिलिंडर के लिए पूरी बाजार कीमत चुकानी होगी।
फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शन की पहचान: नए सत्यापन नियम के तहत एक ही नाम पर चल रहे फर्जी, दोहरे या अपात्र कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया जा सकेगा।
व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक: घरेलू उपयोग के लिए सब्सिडी वाले सिलिंडरों का होटल, रेस्टोरेंट या औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाला अवैध और व्यावसायिक इस्तेमाल बंद होगा।
क्यों लागू किया गया नया नियम?
सरकार का उद्देश्य सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य करने से सब्सिडी का लाभ वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंच सकेगा।
इसके अलावा डुप्लीकेट या फर्जी गैस कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें रद्द किया जा सकेगा। घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाले सब्सिडी वाले सिलिंडरों के व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध इस्तेमाल को रोकने में भी मदद मिलेगी।
किन उपभोक्ताओं को दोबारा सत्यापन नहीं कराना होगा?
जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही अपना बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन करा लिया है, उन्हें यह प्रक्रिया दोबारा करने की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 19 सितंबर तक देश के करीब 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ता अपना बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं।
यह नियम केवल उन उपभोक्ताओं पर लागू होगा जिनका सत्यापन अभी लंबित है।
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन कैसे पूरा करें?
उपभोक्ताओं के लिए सत्यापन की प्रक्रिया तीन तरीकों से पूरी करने की सुविधा दी गई है।
सिलिंडर डिलीवरी के समय: गैस सिलिंडर की डिलीवरी के दौरान डिलीवरी बॉय की मशीन या डिवाइस के जरिए अंगूठे या उंगली के निशान से बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जा सकता है।
गैस एजेंसी के शोरूम पर: संबंधित गैस एजेंसी यानी इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस के कार्यालय जाकर आधार सत्यापन कराया जा सकता है।
मोबाइल ऐप के जरिए: IndianOil ONE, HelloBPCL या HP PAY जैसे तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए स्मार्टफोन से बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा किया जा सकता है।
एलपीजी कंपनियों के अपडेटेड नंबर
देश की प्रमुख एलपीजी कंपनियों—इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस—ने ग्राहकों के लिए नए बुकिंग नंबर जारी किए हैं। इसके साथ ही डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) व्यवस्था को भी सख्ती से लागू किया गया है।
इंडेन गैस (Indane Gas - IndianOil)
IVRS / रिफिल बुकिंग नंबर: 7718955555
मिस्ड-कॉल बुकिंग नंबर: 8454955555
व्हाट्सएप बुकिंग नंबर: 7588888824 (रजिस्टर्ड नंबर से 'REFILL' लिखकर भेजें)
टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-2333-555
भारत गैस (Bharat Gas - BPCL)
रिफिल बुकिंग नंबर: 7715012345 या 7718012345
मिस्ड-कॉल बुकिंग नंबर: 7710955555
टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-22-4344
एचपी गैस (HP Gas - HPCL)
HP एनीटाइम / रिफिल बुकिंग नंबर: 9493602222
मिस्ड-कॉल बुकिंग नंबर: 9493602222
टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-233-3555
बुकिंग और डिलीवरी से जुड़े दो अहम नियम
एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग उसी मोबाइल नंबर से स्वीकार की जाएगी, जो गैस एजेंसी में रजिस्टर्ड है। बिना रजिस्टर्ड नंबर से मिस्ड कॉल या एसएमएस करने पर बुकिंग नहीं होगी।
सिलिंडर बुक होने के बाद उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर 4 या 6 अंकों का डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) भेजा जाएगा। डिलीवरी मैन के घर पहुंचने पर यह कोड बताना जरूरी होगा।
डिलीवरी मैन अपने ऐप में इस कोड को दर्ज करेगा। इसके बाद ही सिलिंडर की डिलीवरी सफल मानी जाएगी।
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