अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा याचिका पर SC का निर्देश, कलकत्ता HC जल्द करे फैसला

HIGHLIGHTS
- अभिषेक बनर्जी ने आंख के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगते हुए हाईकोर्ट में आवेदन दाखिल किया था।
- कलकत्ता हाईकोर्ट ने पहले मेडिकल जांच के बाद विदेश इलाज की जरूरत पर फैसला लेने की बात कही थी।
- सुप्रीम कोर्ट ने मामले में कोई टिप्पणी नहीं की और हाईकोर्ट से लंबित आवेदन पर जल्द निर्णय लेने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट से तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की लंबित याचिका पर जल्द सुनवाई कर फैसला लेने को कहा है। इस याचिका में उन्होंने आंख के विशेष इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा तत्काल विदेश यात्रा की अनुमति नहीं दिए जाने के फैसले को चुनौती दी है।
अभिषेक बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट में दाखिल आवेदन केवल अंतरिम संरक्षण आदेश में बदलाव की मांग से जुड़ा है, ताकि उन्हें चिकित्सा उपचार के लिए विदेश जाने की अनुमति मिल सके।
उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य आवेदन है, जिसमें सिर्फ मेडिकल इलाज के उद्देश्य से विदेश यात्रा की अनुमति देने के लिए हाईकोर्ट के संरक्षण आदेश में संशोधन का अनुरोध किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत इससे गंभीर मामलों में भी ऐसी राहत दे चुकी है।
अदालत में क्या दलीलें दी गईं?
प्रतिवादियों की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यह आवेदन पहले ही कलकत्ता हाईकोर्ट की समेकित मासिक सूची में शामिल किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट से इसे किसी तय तारीख पर सुनवाई के लिए लेने का अनुरोध किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले के तथ्यों और गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की। अदालत ने कलकत्ता हाईकोर्ट से लंबित आवेदन पर जल्द फैसला करने को कहा।
पीठ ने कहा कि चिकित्सा उपचार के लिए विदेश यात्रा की अनुमति से जुड़ा आवेदन हाईकोर्ट में लंबित है और अभी तक इसकी सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है। इसलिए हाईकोर्ट को इस आवेदन पर विचार करने का निर्देश दिया गया है।
अभिषेक बनर्जी को विदेश जाने की अनुमति क्यों नहीं मिली?
अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा पर रोक एक पुराने आदेश के कारण लगी हुई है, जो एक लंबित आपराधिक मामले में पारित किया गया था। इस आदेश में कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देते हुए शर्त रखी थी कि वह अदालत की अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जा सकते।
यह शर्त पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कथित भड़काऊ भाषण से जुड़े मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगाते समय लगाई गई थी।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने विदेश जाने की तत्काल अनुमति देने से इनकार करते हुए अभिषेक बनर्जी को पहले कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों से जांच कराने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि विदेश में इलाज की जरूरत है या नहीं, इस पर फैसला मेडिकल जांच के बाद ही लिया जाएगा।
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