BJP मुख्यालय पहुंचे PM मोदी, नई राष्ट्रीय टीम के पदाधिकारियों से की मुलाकात; खिंचवाई तस्वीर

HIGHLIGHTS
- भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने हाल ही में पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम का गठन किया है।
- यह मुलाकात भाजपा के ‘वंदे मातरम’ के सम्मान और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े प्रस्ताव के बाद हुई।
- भाजपा ने देशभर में ‘वंदे मातरम’ को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों से मुलाकात की और उनके साथ तस्वीर भी खिंचवाई। नई टीम के सदस्य इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ नजर आए। पार्टी मुख्यालय में हुई इस मुलाकात को संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह मुलाकात भाजपा की उस बैठक के बाद हुई, जिसमें ‘वंदे मातरम’ के सम्मान और उसकी ऐतिहासिक विरासत को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया था।
भाजपा में हाल में हुए संगठनात्मक बदलाव के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई टीम का गठन किया है। नई टीम के गठन के बाद प्रधानमंत्री का पार्टी मुख्यालय पहुंचना अहम माना जा रहा है। इस दौरान संगठन से जुड़े विषयों, नई जिम्मेदारियों और पार्टी की आगामी रणनीति को लेकर चर्चा और मंथन की संभावना है।
वंदे मातरम को लेकर भाजपा ने क्या फैसला लिया?
भाजपा ने वंदे मातरम के इतिहास और महत्व को लेकर देशभर में जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया है। पार्टी के मुताबिक, राष्ट्रीय गीत स्वतंत्रता आंदोलन, भारत माता के सम्मान और देश की राष्ट्रीय चेतना का स्थायी प्रतीक है। भाजपा ने कांग्रेस कार्यसमिति के उस फैसले की आलोचना की है, जिसमें 1937 के प्रस्ताव को दोबारा अपनाते हुए कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम की केवल पहली दो पंक्तियां गाने की व्यवस्था की गई है।
भाजपा ने छह अंतरों वाले पूरे संस्करण की बात क्यों कही?
भाजपा के प्रस्ताव में कहा गया है कि पार्टी वंदे मातरम के छह अंतरों वाले पूर्ण संस्करण के सम्मान, गरिमा और विरासत की रक्षा करेगी। पार्टी ने 1950 में संविधान सभा की घोषणा और वर्ष 2026 में संसद की ओर से राष्ट्रीय गीत को ‘जन गण मन’ के समान वैधानिक संरक्षण दिए जाने का भी उल्लेख किया है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला संविधान या संसद द्वारा बनाए गए कानून को प्रभावित नहीं कर सकता। पार्टी के अनुसार, 1937 का राजनीतिक समझौता 1950 के संवैधानिक निर्णय और 2026 के कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
देशभर में कैसे चलेगा जागरूकता अभियान?
भाजपा के अनुसार, देशभर में चलाए जाने वाले अभियान में ‘वंदे मातरम’ से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका को सामने रखा जाएगा। युवाओं के बीच विशेष जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस गीत के स्वतंत्रता संघर्ष और बलिदान से जुड़े महत्व को समझ सकें। पार्टी ने कहा है कि वह राष्ट्रीय गीत को सांप्रदायिक दबाव, तुष्टीकरण या वोट बैंक की राजनीति के अधीन किए जाने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगी।
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