मेरठ में STF की कार्रवाई, सोतीगंज में छिपे जम्मू-कश्मीर के गटारू गैंग के 4 सदस्य गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- एसटीएफ ने सौरभ गुप्ता, गौरव गुप्ता और रोहित बलोना को गिरफ्तार किया।
- मेरठ निवासी माज कुरैशी पर तीनों आरोपियों को अपने मकान में पनाह देने का आरोप है।
- आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया गया।
मेरठ। जम्मू-कश्मीर में रंगदारी, डकैती, जमीन पर कब्जा और जानलेवा हमले जैसी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले गटारू गैंग का नेटवर्क अब मेरठ तक पहुंच गया है। इस मामले में एसटीएफ ने मेरठ के सोतीगंज इलाके में छापा मारकर गैंग के तीन सदस्यों सौरभ गुप्ता, गौरव गुप्ता और रोहित बलोना को गिरफ्तार किया है। वहीं, चौथा आरोपी मेरठ निवासी माज कुरैशी है।
आरोप है कि माज कुरैशी ने बिना पुलिस सत्यापन कराए तीनों आरोपियों को अपने मकान में पनाह दे रखी थी। एसटीएफ ने उनके पास से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी बरामद किया है। जानकारी के मुताबिक, 22 अक्टूबर को सांबा पुलिस ने एसटीएफ के साथ इनपुट साझा किया था कि गटारू गैंग के सदस्य सोतीगंज में छिपे हुए हैं। इसके बाद एएसपी बृजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। सोमवार रात करीब 11 बजे सोतीगंज में दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
जेल में हुई दोस्ती के बाद मेरठ में मिला ठिकाना
एसटीएफ के एएसपी बृजेश सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि कुरुक्षेत्र जेल में गटारू गैंग के गौरव जंदियाल की मुलाकात सोतीगंज के कबाड़ी मोहसिन से हुई थी। जेल से रिहा होने के बाद गौरव ने मोहसिन से संपर्क किया और मेरठ में सुरक्षित ठहरने के लिए जगह मांगी।
इसके बाद मोहसिन ने अपने दोस्त सोहेल से बात की, जो श्यामनगर का रहने वाला है। सोहेल की खाला के बेटे माज कुरैशी के मकान में उनके रहने का इंतजाम किया गया। फिलहाल माज ने सोतीगंज स्थित अपने घर में सौरभ गुप्ता, गौरव गुप्ता और रोहित बलोना को ठहरा रखा था।
पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि सुमित जंदियाल की हत्या के बाद विजयपुर में आयोजित एक पार्टी के दौरान सौरभ गुप्ता की मुलाकात बागपत के बिनौली थाना क्षेत्र के कलहेता निवासी आशू पंडित से हुई थी।
सुमित जंदियाल ने आशू से भी मेरठ में सुरक्षित ठिकाने की व्यवस्था करने को कहा था। इसके बाद आशू ने सुभाषनगर स्थित अपने किराये के मकान में उसे करीब एक महीने तक रखा। बाद में सुभारती विश्वविद्यालय के पास एक फ्लैट में तीन महीने तक रहने का इंतजाम कराया गया। आरोप है कि आशू ने सुमित को तीन अवैध पिस्टल भी उपलब्ध कराई थीं।
जम्मू और सांबा में सक्रिय रहा गटारू और खौफ गैंग
पूछताछ में सामने आया कि गटारू गैंग जम्मू और सांबा जिलों में सक्रिय रहा है। इस गिरोह का संचालन सांबा जिले के विजयपुर निवासी सुमित जंदियाल उर्फ गटारू करता था। वह अपने भाई सौरभ गुप्ता और अन्य साथियों के साथ मिलकर गैंग का नेटवर्क चलाता था।
गटारू गैंग और विक्की खौफ व विकास सलाथिया के गिरोह के बीच लंबे समय से दुश्मनी चल रही थी। दोनों गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर कई बार गैंगवार हुई। सौरभ गुप्ता और विक्की खौफ एक ही स्कूल में कक्षा सातवीं से 11वीं तक साथ पढ़े थे।
इसी दौरान सौरभ के एक दोस्त को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद उनकी दुश्मनी बढ़ती चली गई। 11वीं कक्षा के बाद सौरभ ने पढ़ाई छोड़ दी और अपने पिता की बारदाने की दुकान पर काम करने लगा।
वर्ष 2018 में सौरभ के दोस्त रोहित बलोना और अक्षय शर्मा ने विक्की खौफ गैंग के सदस्य साहिल शर्मा पर चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया था। इस घटना के बाद दोनों गिरोहों के बीच दुश्मनी और बढ़ गई।
वर्ष 2022 में विक्की खौफ गैंग के सदस्यों ने सौरभ के दोस्त बरिंदर पर हमला किया था। बरिंदर विजयपुर का निवासी था। इस हमले में उसकी बाजू काट दी गई थी।
इसके बाद 21 जनवरी 2025 को जम्मू के व्यस्त ज्वेल चौक इलाके में पार्टी के बहाने बुलाकर सुमित जंदियाल उर्फ गटारू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
शराब कारोबारी की हत्या में भी आया था गटारू गैंग का नाम
गटारू गैंग का नाम कुरुक्षेत्र के शराब कारोबारी शांतनु की हत्या के मामले में भी सामने आया था। लारेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़े काला राणा गैंग के सदस्य नोनी राणा ने ऑस्ट्रेलिया में बैठकर इस हत्या की साजिश रची थी।
जून 2025 में हुई इस वारदात को गटारू गैंग के गौरव जंदियाल ने अपने साथियों हरनीत निवासी अरहैना और रोमिल बोहरा के साथ मिलकर अंजाम दिया था। इस मामले में हुई मुठभेड़ के दौरान रोमिल बोहरा मारा गया था, जबकि अन्य दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
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