तमिलनाडु: सीएम विजय ने कांग्रेस को सौंप दी अपने कोटे की राज्यसभा सीट

चेन्नई। तमिलनाडु की सियासत में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने राज्य की एकमात्र खाली राज्यसभा सीट अपनी सहयोगी कांग्रेस को देने का फैसला किया है। इस घोषणा के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
कांग्रेस को मिला बड़ा राजनीतिक फायदा
इस फैसले को कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है। मौजूदा समीकरणों में टीवीके सरकार कांग्रेस के समर्थन पर निर्भर है, क्योंकि पार्टी के पास पूर्ण बहुमत से लगभग 10 सीटें कम हैं। ऐसे में कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन सरकार की स्थिरता के लिए अहम माना जा रहा है।
प्रवीण चक्रवर्ती के नाम की चर्चा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडनकर की मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात के कुछ ही समय बाद यह फैसला सामने आया। इसके बाद राज्यसभा सीट के लिए संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस के रणनीतिकार प्रवीण चक्रवर्ती इस सीट के लिए प्रमुख दावेदार हो सकते हैं। माना जाता है कि उन्होंने टीवीके-कांग्रेस गठबंधन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
सीट खाली कैसे हुई
यह सीट एआईएडीएमके नेता सी.वी. षणमुगम के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद राज्यसभा से इस्तीफा देने के कारण खाली हुई थी, जिसके चलते यह अवसर पैदा हुआ।
कांग्रेस ने बताया मजबूत कदम
कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम बताया है। सांसद जोथिमणि ने कहा कि इस सीट से राज्यसभा में पार्टी की उपस्थिति और मजबूत होगी, जिससे केंद्र में भाजपा के मुकाबले कांग्रेस की आवाज और प्रभाव बढ़ेगा।
डीएमके का तंज और आलोचना
हालांकि इस फैसले पर डीएमके ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता ए. सरवनन ने आरोप लगाया कि टीवीके ने यह सीट कांग्रेस को देकर संसद में सीधे राजनीतिक टकराव से बचने की कोशिश की है।
डीएमके ने इसे “आउटसोर्सिंग” की तरह बताया, जिस पर विपक्षी दलों में बहस छिड़ गई है।
टीवीके का जवाब
डीएमके के आरोपों को टीवीके ने सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि यह फैसला गठबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है, न कि किसी राजनीतिक संघर्ष से बचने के लिए।
उन्होंने कहा कि गठबंधन सहयोग के तहत यह स्वाभाविक निर्णय है और एक सीट के सीमित महत्व को लेकर गलत धारणा नहीं बनाई जानी चाहिए।
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