टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पहुंचे हाईकोर्ट, सीआईडी कार्रवाई पर रोक की मांग

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में सीआईडी द्वारा संभावित कार्रवाई से राहत पाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। अदालत ने उन्हें इस मामले में सीआईडी की ओर से किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा मांगने के लिए याचिका दायर करने की अनुमति दे दी है।
फर्जी हस्ताक्षर मामले से जुड़ा विवाद
यह पूरा मामला टीएमसी विधायकों द्वारा विधानसभा सचिवालय में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि एक प्रस्ताव में उनके हस्ताक्षर कथित रूप से जाली बनाए गए, जिसमें बालीगंज विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष के नेता के रूप में नियुक्त करने का सुझाव शामिल था।
एफआईआर और जांच सीआईडी को सौंपी गई
शिकायत के आधार पर विधानसभा सचिवालय ने कोलकाता पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में राज्य गृह विभाग ने मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी। इसी दौरान आरोप लगाने वाले दो विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते टीएमसी से निष्कासित कर दिया गया।
हाईकोर्ट से मिली याचिका दायर करने की अनुमति
अभिषेक बनर्जी के वकीलों की मौखिक दलील पर न्यायमूर्ति अपूर्बा सिन्हा रे की अवकाशकालीन पीठ ने उन्हें एफआईआर को चुनौती देने और किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका दायर करने की अनुमति दी।
सीआईडी ने जारी किया नया समन
इस बीच सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को 8 जून को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए फिर से नोटिस जारी किया है। इससे पहले उन्हें सोमवार को तलब किया गया था, लेकिन अस्वस्थता का हवाला देते हुए वे पेश नहीं हुए थे और समय बढ़ाने का अनुरोध किया था।
सुनवाई पर नजर
मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होने की संभावना है। वहीं राजनीतिक और कानूनी हलकों में इस मामले को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है।
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