उदयनिधि स्टालिन ने सीएम विजय को दी चुनौती, भ्रष्टाचार की फाइलें सार्वजनिक करने की मांग

HIGHLIGHTS
- विधानसभा में भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइलों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई।
- उदयनिधि ने कहा कि सबूत होने पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।
- उन्होंने फाइलें सार्वजनिक करने में देरी पर सवाल उठाया।
चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में भ्रष्टाचार की फाइलों को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधा है। उदयनिधि ने मुख्यमंत्री विजय को चुनौती देते हुए कहा कि वे पूर्व डीएमके सरकार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार की फाइलों को सार्वजनिक करें और यदि किसी गलत काम के सबूत हैं तो कार्रवाई करें।
उदयनिधि ने यह भी सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के सबूत सामने लाने के लिए अपने ‘ज्योतिषी द्वारा तारीख तय करने का इंतजार’ कर रहे हैं?
दरअसल, तमिलनाडु विधानसभा में बहस के दौरान विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय के उस पुराने बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह “उचित समय पर पूर्व डीएमके शासन के भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइलों का खुलासा करेंगे।”
उदयनिधि ने मुख्यमंत्री के इस रुख की आलोचना करते हुए कहा कि विधानसभा सिनेमाई बयानबाजी की जगह नहीं है। उन्होंने कहा, “असेंबली में सिनेमा की तरह पंच डायलॉग मत बोलो।”
मुख्यमंत्री हिचकिचा क्यों रहे हैं?
उदयनिधि ने कथित निष्कर्षों को सार्वजनिक करने में हो रही देरी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पास आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं तो फाइलों को तुरंत सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैं उनसे आग्रह करता हूं कि वे फाइलों को तुरंत खोलें और भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत होने पर कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री फाइलों को जारी करने में हिचकिचा क्यों रहे हैं? क्या वे अपने ज्योतिषी द्वारा तारीख तय करने का इंतजार कर रहे हैं?”
हालांकि, मुख्यमंत्री विजय ने सदन में उदयनिधि की टिप्पणियों का सीधे जवाब नहीं दिया। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि विजय पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध हैं और भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइलों को उचित समय पर सार्वजनिक करेंगे।
सीएम विजय ने क्या कहा था?
गौरतलब है कि बीते बुधवार को मुख्यमंत्री विजय ने कहा था कि उनके पास तीन सरकारी विभागों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइलें हैं। उन्होंने डीएमके के पूर्व मंत्रियों और विधायकों को चेतावनी भी दी थी कि वे उन्हें फाइलें खोलने के लिए मजबूर न करें।
विजय ने कहा था कि वह उचित समय पर इन निष्कर्षों को सार्वजनिक करेंगे। इसके बाद विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने इन फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
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