उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: हाइब्रिड वाहनों पर अब लगेगा ग्रीन सेस

HIGHLIGHTS
- सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस से बाहर रखा गया है
- नई ईवी नीति से पहले दूसरे राज्यों की नीतियों का अध्ययन होगा
- सरकारी वेतन मैट्रिक्स से लेवल-16 हटाया गया
देहरादून। प्रदेश में अब दूसरे राज्यों से आने वाले हाइब्रिड वाहनों को भी ग्रीन सेस के दायरे में शामिल कर लिया गया है। इलेक्ट्रिक मोटर और पेट्रोल से चलने वाले इन वाहनों से प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने पर अब ग्रीन सेस लिया जाएगा। अभी तक इन्हें इससे छूट मिली हुई थी। हालांकि, सीएनजी से चलने वाले वाहन अभी भी ग्रीन सेस के दायरे से बाहर रहेंगे।
सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वाहनों से लिए जाने वाले ग्रीन सेस को लेकर चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि हाइब्रिड वाहनों में पेट्रोल या डीजल की भी खपत होती है। ऐसे में इन वाहनों से भी ग्रीन सेस लेने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
बैठक में इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति पर भी चर्चा हुई। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में नई इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति लाने से पहले अलग-अलग राज्यों की ईवी नीतियों का अध्ययन किया जाए। इसके बाद उत्तराखंड के लिए विस्तृत नीति तैयार की जाए।
वेतन मैट्रिक्स से हटाया गया लेवल-16
प्रदेश में सरकारी सेवकों के लिए लागू वेतन मैट्रिक्स से लेवल-16 को हटा दिया गया है। उत्तराखंड के मौजूदा वेतन मैट्रिक्स में लेवल-13 क के बाद लेवल-15 और लेवल-16 था। वहीं, केंद्र में लेवल-13 क के बाद वेतन लेवल-14 और फिर लेवल-15 है। इसी को देखते हुए प्रदेश में भी संशोधन किया गया है। स्पष्ट किया गया है कि इससे संबंधित वेतनमान पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
स्वास्थ्य विभाग के सांख्यिकी संवर्ग की सेवा नियमावली को मंजूरी
कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग के सांख्यिकी संवर्ग के समूह क, ख और ग की सेवा नियमावली को मंजूरी दे दी है। अभी तक इस संवर्ग में उत्तर प्रदेश की सेवा नियमावली के अनुसार काम किया जा रहा था। नई सेवा नियमावली में वरिष्ठता, पदोन्नति और दंड से संबंधित प्रावधान किए गए हैं।
मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन से खरीदी जाएंगी दवाएं और उपकरण
कैबिनेट ने आम लोगों को जल्द स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और विभागीय स्तर पर खरीद के लिए विशेषज्ञ उपलब्ध न होने के कारण उत्तराखंड मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी है। अब विभाग दवाएं, सर्जिकल सामग्री, रसायन, उपकरण और इंप्लांट्स की खरीद इसी कॉरपोरेशन के माध्यम से करेगा। जल्द ही इसका ढांचा तैयार किया जाएगा।
हरिद्वार में खुलेगी एनसीडीसी की शाखा
उत्तराखंड में रोग निगरानी, महामारी के प्रकोप की जांच और उससे निपटने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कैबिनेट ने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की शाखा स्थापित करने के लिए एक एकड़ भूमि देने को मंजूरी दी है। यह भूमि राजकीय मेडिकल कॉलेज की 65 एकड़ भूमि में से एक रुपये की कीमत पर 99 वर्ष की लीज पर दी जाएगी।
उप कारापाल अधीनस्थ सेवा नियमावली में संशोधन
कैबिनेट ने जेलों में तैनात उप कारापाल की नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत उप कारापाल के पद पर 25 प्रतिशत पदोन्नति कोटे के पदों में 90 प्रतिशत प्रधान बंदीरक्षक और 10 प्रतिशत महिला बंदीरक्षक को पदोन्नति दी जाएगी।
लोकायुक्त खोजबीन समिति की नियमावली को मंजूरी
गृह विभाग ने लोकायुक्त खोजबीन समिति के कार्यकलापों के लिए नियमावली तैयार करने को मंजूरी दी है। इसमें समिति के सदस्यों के कार्यकाल, उन्हें दिए जाने वाले भत्तों और लोकायुक्त व सदस्यों के लिए आने वाले आवेदनों के लिए पैनल तैयार करने की प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी।
स्टांप शुल्क में छूट
कैबिनेट ने कैंसर रोगियों के लिए अंत्योदय फाउंडेशन की ओर से ऋषिकेश में अस्पताल बनाने के लिए की जाने वाली लैंड डीड पर स्टांप ड्यूटी में छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह जमीन ट्रस्ट को गिफ्ट डीड के रूप में दी गई है। धर्मार्थ और जनकल्याणकारी कार्यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
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