मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 30 घरों को लगाई आग, पांच दिनों के लिए इंटरनेट बंद

मणिपुर: उखरुल जिले में तंगखुल नगा और कुकी समुदाय के बीच हिंसा भड़क गई है। हिंसा के दौरान कई घरों में आग लगाई गई और गोलियां भी चलीं। प्रशासन के अनुसार, लगभग 30 खाली पड़े घरों को निशाना बनाया गया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सरकार ने पांच दिनों के लिए इंटरनेट बंद कर दिया है।
हिंसा की शुरुआत और फैलाव
अधिकारियों ने बताया कि यह हिंसा लिटन सरेखोंग गांव में शुरू हुई, जहां कुछ हमलावरों ने तंगखुल नगा समुदाय के एक व्यक्ति पर हमला किया। हमलावरों ने घरों को आग के हवाले किया और हवाई फायरिंग भी की। भयभीत ग्रामीण अपने घर छोड़कर पड़ोसी जिले कांगपोकपी में सुरक्षित ठिकानों पर चले गए।
क्या कारण है हिंसा का?
कुछ दिन पहले तंगखुल नगा समुदाय के दो संगठनों ने उखरुल और कामजोंग जिले में कुकी लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। शनिवार रात, लिटन गांव में सात-आठ लोगों ने तंगखुल नगा के एक व्यक्ति पर हमला किया। हालांकि पीड़ित और गांव के मुखिया ने मामला सुलझा लिया, लेकिन रविवार को तय बैठक नहीं हो पाई।
इसके बाद पास के सिकिबुंग गांव के लोगों ने लिटन सरेखोंग के मुखिया के घर पर हमला किया। पुलिस स्टेशन के पास भी फायरिंग की गई। रविवार रात को दोनों समुदायों के बीच पत्थरबाजी हुई। सोमवार आधी रात को तंगखुल नगा समुदाय के घरों में आग लगाई गई, और इसके बाद कुकी समुदाय के कुछ घर भी क्षतिग्रस्त हुए।
सरकार और सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोग सुरक्षा बलों पर नाराज हैं, उन्होंने कहा कि गोलीबारी रोकने में पुलिस विफल रही। प्रशासन ने हालात को नियंत्रण में लाने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स को इलाके में तैनात किया है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन थोड़ी शांतिपूर्ण बनी हुई है।
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