वॉट्सएप मैसेज बना अहम सबूत, हाईकोर्ट ने आत्महत्या उकसाने के आरोपियों को राहत देने से किया इनकार

HIGHLIGHTS
- युवक ने आत्महत्या से पहले पिता के मोबाइल नंबर पर तीन वॉट्सएप संदेश भेजे थे।
- हाईकोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को मामले में महत्वपूर्ण माना।
- धार कोर्ट के जमानत खारिज करने वाले आदेश को बरकरार रखा गया।
आदिवासी युवक की आत्महत्या के मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। युवक ने फांसी लगाने से पहले अपने पिता को वॉट्सएप पर संदेश भेजकर बताया था कि वह करण जाट, धर्मेंद्र जाट और उमेश जाट की प्रताड़ना से परेशान है। उसने मैसेज में लिखा था कि आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देते हैं, जिसके कारण वह आत्महत्या कर रहा है।
पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। हाईकोर्ट ने धार कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई थीं। अदालत ने आरोपियों की ओर से दायर अपीलों को भी निरस्त कर दिया।
कृषि भूमि विवाद को लेकर प्रताड़ना का आरोप
अभियोजन पक्ष ने हाईकोर्ट को बताया कि संतोष उर्फ लखन ओसारी ने कृषि भूमि विवाद को लेकर करण जाट, धर्मेंद्र जाट और उमेश जाट पर प्रताड़ना, गाली-गलौज, अपमान और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इन्हीं कारणों से परेशान होकर उसने फांसी लगा ली थी।
जांच में सामने आया कि 7 मई को आत्महत्या करने से पहले ओसारी ने अपने पिता को वॉट्सएप संदेश भेजे थे।
वॉट्सएप मैसेज को कोर्ट ने माना महत्वपूर्ण साक्ष्य
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों में मृतक के मोबाइल फोन से संबंधित पंचनामा महत्वपूर्ण है। रिकॉर्ड के अनुसार, मृत्यु से ठीक पहले मृतक ने अपने पिता के मोबाइल नंबर पर तीन वॉट्सएप संदेश भेजे थे।
अदालत ने टिप्पणी की कि यह इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मृत्यु पूर्व कथन के रूप में देखा जा सकता है।
आरोपियों ने खुद को बताया निर्दोष
आरोपियों के वकील ने अदालत में दलील दी कि तीनों का ओसारी की आत्महत्या से कोई संबंध नहीं है और पुरानी रंजिश के चलते उन्हें इस मामले में फंसाया गया है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि ओसारी ने आत्महत्या से पहले भेजे गए वॉट्सएप संदेशों में विशेष रूप से आरोपियों के नाम लिए थे। इसके आधार पर अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया।
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