भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को फाइनल में करारी शिकस्त देकर एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में टीम इंडिया ने खिताबी मुकाबले में शानदार खेल दिखाते हुए छठी बार अंडर-19 विश्व कप अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम अपराजेय रही और किसी भी प्रतिद्वंद्वी को उसे रोकने का मौका नहीं मिला। इस ऐतिहासिक सफर में वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और अभिज्ञान कुंडू ने निरंतर प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

फाइनल में इंग्लैंड पर 100 रन की बड़ी जीत

खिताबी मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से मात दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में 411 रन बनाकर इंग्लैंड के सामने 412 रन का विशाल लक्ष्य रखा। जवाब में इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर ढेर हो गई।
फाइनल के नायक वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने महज 80 गेंदों पर 175 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मुकाबले की दिशा तय कर दी। इंग्लैंड की ओर से कैलब फाल्कनर ने 67 गेंदों में 115 रन की शानदार शतकीय पारी खेली, लेकिन वह टीम को जीत दिलाने में सफल नहीं हो सके।

हर चरण में भारत का दबदबा

भारतीय टीम का अभियान शुरुआत से ही शानदार रहा। पहले मुकाबले में अमेरिका को छह विकेट से हराने के बाद भारत ने बांग्लादेश को 18 रन से शिकस्त देकर सुपर सिक्स में प्रवेश किया।
ग्रुप चरण के अंतिम मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत ने डीएलएस पद्धति के तहत सात विकेट से जीत दर्ज की।
सुपर सिक्स में भारत ने जिम्बाब्वे को 204 रनों के बड़े अंतर से हराया और फिर पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 58 रन से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को सात विकेट से हराकर भारत ने फाइनल में कदम रखा और अंततः इंग्लैंड को हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

फाइनल में पहुंचने का सबसे सफल रिकॉर्ड

अंडर-19 विश्व कप के इतिहास में भारत का प्रदर्शन हमेशा बेमिसाल रहा है। अब तक खेले गए 16 संस्करणों में भारत 10 बार फाइनल में पहुंच चुका है, जो किसी भी देश से अधिक है। खास बात यह है कि भारत ने लगातार छह संस्करणों 2016, 2018, 2020, 2022, 2024 और 2026 में खिताबी मुकाबला खेला।
यह आंकड़े बताते हैं कि जूनियर क्रिकेट में भारत का कोई सानी नहीं है। ऑस्ट्रेलिया इस मामले में भारत से पीछे है, जिसने छह बार फाइनल खेलते हुए चार खिताब जीते हैं।

सबसे बड़ा रन चेज भी भारत के नाम

भारत ने इस टूर्नामेंट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की। सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम ने अंडर-19 विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज सफलतापूर्वक पूरा किया।
अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में चार विकेट पर 310 रन बनाए। जवाब में भारत ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 41.1 ओवर में तीन विकेट पर 311 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। इस मैच में आरोन जॉर्ज ने शतक जड़ा, जबकि वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे ने अहम अर्धशतक लगाए।
इस जीत के साथ भारत ने न्यूजीलैंड का 2006 में बनाया गया 305 रनों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 20 साल पुराना कीर्तिमान अपने नाम कर लिया।