पटना। 31 साल पुराने धोखाधड़ी और धमकी के मामले में शुक्रवार आधी रात को पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया। उनके साथ जुड़े अन्य आरोपितों के खिलाफ भी अदालत ने कुर्की और गिरफ्तारी के आदेश पहले ही जारी कर रखे थे।

पुलिस ने सांसद को एंबुलेंस और स्ट्रेचर के माध्यम से एमपी-एमएलए अदालत के विशेष न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय के समक्ष पेश किया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में लेते हुए इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) भेजने का आदेश दिया। अगली सुनवाई की तारीख 21 फरवरी निर्धारित की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था और समर्थकों की भीड़
सांसद को अदालत में पेश करते समय भारी पुलिस बल तैनात रहा। अदालत के बाहर सांसद के समर्थक भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। सांसद के वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि पप्पू यादव की हालत खराब है और उन्हें उपचार के लिए पीएमसीएच भेजा जाए। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायिक हिरासत में इलाज का आदेश जारी किया।

मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला वर्ष 1995 का है। आरोप है कि पप्पू यादव ने शास्त्री नगर थाना क्षेत्र के मोहनपुर पुनाईचक में स्थित एक मकान धोखाधड़ी पूर्वक किराए पर लिया और धमकी देकर कब्जा करने की कोशिश की। इस संबंध में अदालत ने उन्हें, शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद के खिलाफ गिरफ्तारी और कुर्की का आदेश दिया था। मामला आईपीसी की धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120(B) के तहत दर्ज किया गया था।

गिरफ्तारी का सिलसिला
शुक्रवार रात 10 बजे पुलिस अधिकारी भारी संख्या में बल के साथ पप्पू यादव के बुद्धा कालोनी स्थित आवास पर पहुंचे। समर्थकों की भीड़ के कारण गिरफ्तारी में लगभग दो घंटे का समय लगा। इसके बाद सांसद को IGIMS लेकर जाँच हेतु भेजा गया और फिर PMCH में भर्ती किया गया। पूरे समय दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम बनाए गए थे।